ढाई वर्ष बाद डामरीकरण कार्य शुरू

धमतरी।एएनएन (Action News Network)

रूद्री-छाती बाईपास सड़क निर्माण का कार्य वर्षों से अधूरा था। करीब ढाई साल बाद अब अधूरे सड़क पर डामरीकरण का कार्य शुरू हो गया है। जल्द ही यह सड़क सांकरा मोड़ के नेशनल हाईवे में जुड़ेगी। सड़क निर्माण पूरा होने के बाद नेशनल हाईवे में दबाव कम हो जाएगा। क्षेत्र के ग्रामीण शहर आने-जाने के लिए बाईपास मार्ग के रूप में इस सड़क का उपयोग कर पाएंगे।रूद्री से छाती नहर किनारे बाईपास सड़क निर्माण की शुरुआत 10 फरवरी 2017 से हुई थी।

मनरेगा, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना सहित विभिन्न मदों की राशि से इस सड़क का निर्माण किया जा रहा है। निर्माण कार्य शुरू हुए महीनों बीत गए लेकिन पूरा नहीं हुआ था। ठेका शर्तों के अनुसार यह सड़क शुरू होने के एक वर्ष में पूरा हो जाना था लेकिन ढाई साल बाद भी सड़क अधूरी है, अब जाकर रुद्री पुल के पास से डामरीकरण कार्य शुरू किया गया। जब कार्य शुरू हुआ तो मौके पर विभाग के अधिकारियों ने निरीक्षण भी किया।

उन्होंने बताया कि यह मार्ग वर्तमान में साकरा पुल के पास से नेशनल हाईवे में जुड़ेगा सड़क मरम्मत सड़क निर्माण से लोगों को काफी राहत मिलेगी। वहीं शहर के नेशनल हाईवे में दबाव कम होगा। शंकरदाह, बोड़रा, नवागांव्, कंडेल सहित अन्य गांवों के ग्रामीण इस सड़क का उपयोग शहर आने में करेंगे। जल्द ही यह सड़क बनकर तैयार हो जाएगी। इस सड़क के बनने से लोग सीधे धमतरी से 12 किलोमीटर दूर नेशनल हाईवे में निकलेंगे।

इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता एन एस ध्रुव ने बताया कि फंड की कमी के कारण काम रुका हुआ था। सड़क निर्माण होने से लोगों को राहत मिलेगी। कार्य को प्रारंभ कराने के लिए कलेक्टर रजत बंसल ने इस दिशा में विशेष प्रयास किया।उल्लेखनीय है कि रुद्री-छाती बाईपास सड़क निर्माण के लिए 12 करोड़ रूपये की स्वीकृति शासन से हुई है। सड़क की लागत सात करोड़ और रेलिंग की लागत पांच करोड़ है। रूद्री से छाती तक सड़क की लंबाई 12.31 किलोमीटर है। यह सड़क 12 मीटर चौड़ी बनाई जा रही है। सड़क निर्माण के बाद काफी हद तक हाईवे में दबाव कम हो जाएगा। रायपुर से आने वाले वाहन 17 किलोमीटर दूर छाती से ही कट जाएंगे और रूद्री नहर नाका होते हुए विंध्यवासिनी मंदिर मार्ग से सीधे बस्तर रोड के लिए निकलेंगे।