भाजपा प्रदेश नेताओं ने “थल सेना दिवस” पर देशवासियों को दी बधाई

नई दिल्ली। एएनएन (Action News Network)

भाजपा दिल्ली प्रदेश के नेताओं ने 72वें थल सेना दिवस के अवसर पर बुधवार को देशवासियों को बधाई दी। 

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि अपने अदम्य साहस और शौर्य से मां भारती  की रक्षा करने वाले देश के वीर सैनिकों को थल सेना दिवस पर नमन। जय हिन्द!

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि अदम्य साहस, पराक्रम व बलिदान का प्रतीक भारतीय थल सेना के सभी वीरों को ‘थल सेना दिवस’ की हार्दिक शुभकामनाएं।


भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा ने एक पंक्तियों के माध्यम से थल सेना दिवस पर बधाई दी। उन्होंने पंक्तियों में लिखा है कि “सदा निडर आगे बढ़े, हो आंधी या तूफान, भारत की रक्षा में तत्पर, देश के वीर जवाना।” मैं हमारे वीर जवानों के अदम्य साहस, समर्पण, त्याग और वीरता को नमन करता हूं। 

भाजपा राष्ट्रीय सचिव तरुण चुघ ने कहा कि अपने पराक्रम व शौर्य से दुश्मनों को हर बार मात देने वाले भारत देश के वीर सिपाहियों को सलाम व समस्त देशवासियों को भारतीय सेना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं दिल्ली प्रभारी श्याम जाजू ने कहा कि थल सेना दिवस पर अदम्य साहस,बहादुरी और पराक्रम की परिचायक भारतीय थल सेना के सभी सैनिकों को नमन एवं समस्त देशवारियों को भारतीय थल सेना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। 


दिल्ली भाजपा के महामंत्री रविंद्र गुप्ता ने कहा कि आर्मी डे के अवसर पर मातृभूमि के प्रति अपनी निष्ठा और समर्पण से सदैव भारतीय वसुंधरा को गौरवान्वित करने वाले देश के वीर जवानों को मैं ह्वदय की गहराइयों से नमन करता हूं। 

भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा ने एक पंक्तियों के माध्यम से थल सेना दिवस पर बधाई दी। उन्होंने पंक्तियों में लिखा है कि “सदा निडर आगे बढ़े , हो आंधी या तूफान, भारत की रक्षा में तत्पर, देश के वीर जवाना।” मै हमारे वीर जवानों के अदम्य साहस, समर्पण, त्याग और वीरता को नमन करता हूं। 

दिल्ली भाजपा ने कहा कि हमारे महान और पराक्रमी सैनिकों को थल सेना दिवस की हार्दिक बधाई व अभिनंदन।

उल्लेखनीय है कि 15 जनवरी साल 1949 को भारत के अंतिम ब्रिटिश कमांडर-इन-चीफ जनरल फांसिस बुचर की जगह ततकालीन लेफ्टिनेंट जनरल केएम करियप्पा ने ली थी। करियप्पा स्वतंत्र भारत के पहले भारतीय सेना के प्रमुख बने। भारतीय सेना का प्रमुख बनाए जाने के बाद हर साल 15 जनवरी को थल सेना दिवस मानया जाता है।