भाजपा विधायक की सदस्यता समाप्ति पर बोले कमलनाथ, अभी 2-3 सीटें और आएंगी

भोपाल। एएनएन

मध्यप्रदेश में भाजपा-कांग्रेस के बीच राजनीति घमासान जारी है। इसी बीच अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद विधानसभा ने शनिवार को देर शाम पन्ना जिले के पवई विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक प्रहलाद लोधी की सदस्यता समाप्त कर दी। इसको लेकर दोनों पार्टियों के नेताओं के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई। भाजपा ने जहां विधानसभा की कार्यवाही पर सवाल उठाये हैं तो वहीं कांग्रेस ने इसे कार्यवाही को सही ठहराया है। इसी मुख्यमंत्री कमलनाथ का एक बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने रविवार को मीडिया से बातचीत में कहा है कि अभी दो-तीन सीटें और आएंगी, इंतजार कीजिये।

भोपाल में सीएम कमलनाथ से रविवार को मीडिया द्वारा जब विधायक प्रहलाद लोधी की सदस्यता रद्द होने को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि पंद्रह साल से भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं के कारनामे सामने आ रहे हैं, अभी और सामने आएंगे। अभी तो यह पहला मामला सामने आया है। ऐसे मामले हर हफ्ते आएंगे, हर महीने सामने आएंगे। सरकार के बहुमत को लेकर जब मीडिया द्वारा सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि सरकार पहले से ही पूर्ण बहुमत है। इंतजार कीजिये, अभी दो से तीन सीटें और आएंगी।

दरअसल भाजपा विधायक प्रहलाद लोधी के खिलाफ अवैध उत्खनन रोकने पहुंचे तहसीलदार और सरकारी अमले पर हमला कर मारपीट का एक मामला अदालत में विचाराधीन था। इसमें विशेष न्यायालय ने सुनवाई के बाद गुरुवार को दो साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद विधानसभा ने शनिवार को देर शाम उनकी सदस्यता समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया था। इस पर भाजपा ने सवाल उठाये हैं। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा है कि किसी भी व्यक्ति को उसका पक्ष रखने का अधिकार है। देश में कसाब और अफजल जैसे खूंखार आतंकवादी तक को सुनवाई का मौका दिया गया, लेकिन जनता की सेवा में लगे रहने वाले एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि से जुड़े मामले पर विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति द्वारा जल्दबाजी में कार्रवाई की गई।

गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व कांग्रेस की गठबंधन की सरकार बनी थी। बहुमत के आंकड़े से दो सीटें कम होने के कारण कांग्रेस ने यहां बसपा-सपा और निर्दलीयों के समर्थन से सरकार बनाई, तभी भाजपा कह रही थी कि यह सरकार ज्यादा दिनों तक नहीं चलेगी, लेकिन अब यह कांग्रेस की सरकार के पास पूर्ण बहुमत है। दरअसल, 230 सीटों वाली मप्र विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 116 सीटों का है, जबकि कांग्रेस ने पिछले चुनाव में 114 और भाजपा ने 109 सीटें जीती थीं।