कैबः नेसो के आह्वान पर अरुणाचल में बंद का व्यापक असर

इटानगर। एएनएन (Action News Network)

नागरिकता संशोधन विधेयक (कैब)-2019 के सोमवार को लोकसभा में पारित किये जाने के बाद से अरुणाचल समेत पूर्वोत्तर के राज्यों में विरोध प्रदर्शन हो रहा है। इस मुद्दे पर नॉर्थ-ईस्ट स्टूडेंट आर्गेनाइजेशन (नेसो) ने पूर्वोत्तर के सभी राज्यों में 11 घंटे के बंद का आह्वान किया है। नेसो के आह्वान पर अरुणाचल में भी सुबह 05 बजे से ही बंद का असर देखा जा रहा है।

नेसो के बंद को ऑल अरुणाचल प्रदेश स्टूडेंट यूनियन (आपसू) समेत कई छात्र संगठन अपना समर्थन देते हुए इस बंद को सफल बनाने में शामिल हैं। सुबह से ही सड़कों पर गाड़ियां नहीं चल रही हैं। स्कूल, कॉलेज, दुकान, प्रतिष्ठान आदि पूरी तरह से बंद हैं। बंद को राज्य के अधिकांश हिस्से में समर्थन मिल रहा है। राजधानी समेत राज्य के सभी जिलों में बंद का समर्थन छात्र संगठन कर रहे हैं। बंद के दौरान कुछ गाड़ियों में तोड़फोड़ करने के अलावा अभी तक कोई बड़ी घटना की सूचना नहीं मिली है। 

सुरक्षा के लिहाज से सभी प्रमुख इलाकों में पुलिस व सुरक्षा बलों की भारी संख्या में तैनाती की गई है। बावजूद बंद समर्थक सड़कों पर छोटी-छोटी तादाद में पहुंचकर टायर जलाकर वाहनों की आवाजाही को बंद कराने में जुटे हुए हैं। हालांकि दुकानें व प्रतिष्ठान हुड़दंगियों के डर की वजह से बंद रखने में ही अपनी भलाई समझ रहे हैं। 

कैब को पूर्वोत्तर के कुछ संगठन अपनी भाषा, संस्कृति, इतिहास व राजनीतिक अधिकार पर हमला मानते हैं। हालांकि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में विधेयक को पेश करते समय ही साफ कर दिया था कि पूर्वोत्तर के पार-पत्र वाले राज्य, छठी अनुसूचि में शामिल इलाकों में इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। बावजूद इसका विरोध जारी है।