दिल्ली-मथुरा रेलवे लाइन बिछाने के लिए 456 पेड़ों को काटने की सशर्त मंजूरी

सुप्रीम कोर्ट ने रेलवे को निर्देश दिया कि जितने पेड़ काटें उतने ही पेड़ लगाएं

नई दिल्ली। एएनएन (Action News Network)

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली से मथुरा के बीच रेलवे लाइन बिछाने के लिए 456 पेड़ों को काटने की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने रेलवे को निर्देश दिया कि वो ये पेड़ तभी काटे जब इन काटे गए पेड़ों के बदले में उतने ही ने पेड़ लगाए। सुप्रीम कोर्ट ने नालसा को निर्देश दिया कि वो तीन महीने के भीतर रिपोर्ट दे और बताए कि जो पेड़ काटने की जगह लगाए जाएंगे उनकी स्थिति क्या है।

पहले की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस एस ए बोब्डे ने कहा था कि आप पेड़ क्यों काटना चाहते हैं। क्या आप कोई और तरीका नहीं अपना सकते, जहां आपको कम पेड़ कटना पड़े। उत्तर मध्य रेलवे ने सुप्रीम कोर्ट से ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) में पेड़ों की काटने की अनुमति देने के लिए याचिका दायर की थी। रेलवे ने कहा है कि दिल्ली-मथुरा मार्ग भारी भीड़भाड़ वाला है। अतिरिक्त रेलवे लाइन बिछाने की जरूरत है। दरअसल, ताज ट्रेपेजियम जोन में पेड़ों को काटने पर प्रतिबंध लगाया गया है।