भारत के गरीब बच्चों की पढ़ाई के लिए ‘एकल विद्यालय’ ने न्यूयार्क में जुटाए 31 लाख डालर

न्यू यॉर्क। एएनएन (Action News Network)

भारत के गांव-गांव में हर एक बच्चे को शिक्षा जुटाने के लिए चलाये जा रहे ‘एकल विद्यालय’ अभियान के प्रति अमेरिकी उद्यमियों में कितना उत्साह है, यह न्यू यॉर्क में हाल ही में हुए एक संगीतमय कार्यक्रम से पता चलता है। उस संगीतमय शाम में कुल 31 लाख डॉलर ( करीब  बाइस करोड़ रुपये ) की रकम इकट्ठा हुई। इस धन राशि से भारत के उन 800 स्कूलों के 25 हजार ग्रामीण बच्चों को स्कूल में कदम रखने का मौका मिलेगा, जो गरीबी के कारण स्कूल की दहलीज़ तक नहीं जा सके हैं। 

सन 1986 में स्थापित एक गैर सरकारी संगठन ‘एकल विद्यालय’ अभियान की बात करें तो अब भारत में ऐसे एक लाख स्कूल हो गए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 26 फरवरी, 2019 को राजधानी में एकल विद्यालय ट्रस्ट को सन 2017 के लिए ग्रामीण और आदिवासी अंचलों में शिक्षा के प्रचार प्रसार हेतु ‘गांधी शांति पुरस्कार’ से नवाजा था। 

न्यू यॉर्क के भव्य ‘गाथम’ परिसर में आयोजित कार्यक्रम में गुरु वंदना के साथ जैसे ही समारोह की शुरूआत हुई। तालियों की गड़गड़ाहट के बीच अनाउंसमेंट किया गया। समारोह के चेयरपर्सन मोहन वांचू ने कहा था कि वह अगले पांच वर्षों के लिए भारत में 800 एकल विद्यालयों के लिए दस लाख डॉलर अर्थात 7.25 करोड़ रुपये देते हैं। इन 800 स्कूलों में 25 हजार छात्र-छात्राएं नए भविष्य के लिए कदम ताल कर सकेंगे। इस संख्या को जोड़ें तो एकल विद्यालय में अब करीब 27 लाख बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा का मौका मिलेगा। इस अभियान के अंतर्गत एक गांव में एक स्कूल में एक ही अध्यापक, जो बच्चों को उन्हीं की स्थानीय बोली में कथा और कहानियों के जरिये पढ़ाते हैं।  

समारोह में भारत से विशेष रूप से निमंत्रित एकल विद्यालय अभियान के अध्यक्ष प्रदीप गोयल ( वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के भाई), एकल विद्यालय ट्रस्टी एसके जिंदल और फिल्म अभिनेता विवेक ओबेराय भी मौजूद थे। विवेक ओबराय 13 वर्षीय एक बालिका रिया को मंच की ओर बढ़ते देख चौंक गए थे। रिया अपनी जमा पूंजी एक हजार डॉलर भारत के गांवों में अपनी हम उम्र बच्चियों की शिक्षा-दीक्षा के लिए देने मंच की ओर बढ़ रही थी। इसे देखकर विवेक ओबराय भावुक हो उठे। उन्होंने भरे गले से कहा, ‘आइए, हम सब मिल कर इस बच्ची का हौसला बढ़ाएं।’

उसके बाद बाथम हाल में एक-एक कर कई हाथ खड़े हो गए और रिया के इस अद्वितीय योगदान से प्रेरित होकर लोगों ने जो रुझान दिखाया, उससे देखते-देखते चंद मिनटों में 31 हजार डॉलर एकत्र हो गए। फिर क्या था। मानो, वह सांझ भारत के उन ग्रामीण बच्चों के नाम होती चली गई। 

समारोह में भारतीय गांवों की ‘दशा और दिशा’ में अपेक्षित सुधार के लिए पहल करने वाले कई युगल निमंत्रित थे। ये सब वो लोग थे, जो अपने-अपने ढंग से भारतीय गांवों में विभिन्न प्रकल्पों में सहयोग दे रहे थे। इनमें कविता नवानी ( संकल्प), हिमांशु शाह ( ग्रामोत्थान रिसर्स सेंटर), आदिश-आशा जैन, वंदना-विवेक शर्मा (इंटेग्रल विलेज डवलपमेंट)  और सुब्रा-अनु द्रविड़ (एकल -ऑन व्हील) आदि ने एकल विद्यालय अभियान की सराहना की और सहयोग दिया। कार्यक्रम में सैन होजे के उद्यमी राजू रेड्डी, रेगी थामस, अमेरिका एकल विद्यालय के मुखिया सुरेश अय्यर मौजूद थे। न्यू यॉर्क के कंसुलेट जनरल संदीप चक्रवर्ती और न्यू यॉर्क सांसद करोलिन मलोनी भी कार्यक्रम में शरीक हुए।