आधी रात से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश होंगे

सरकारी दफ्तरों में इस नेता की तस्वीर लगाना होगा अनिवार्य

जम्मू-कश्मीर। एएनएन

आज आधी रात से जम्मू कश्मीर और लद्दाख देश के दो नए केन्द्र शासित राज्य बन जाएंगे। इसके बाद यहां प्रशासन और व्यवस्था बदले हुए कानून के अंतर्गत काम करेगी। जबकि केन्द्र सरकार (Central Government) ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख रीजन के मौजूदा साढ़े तीन लाख सरकारी कर्मचारियों को लेकर भी अहम फैसला लिया है। (ammu-Kashmir) और लद्दाख इन दोनों जगहों पर रणबीर पीनल कोड की जगह आईपीसी (IPC) और सीआरपीसी (CRPC) की धाराएं काम करेंगी। इसके साथ ही केन्द्र सरकार ने ये भी साफ कर दिया है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख रीजन में जो मौजूदा साढ़े तीन लाख सरकारी कर्मचारी काम कर रहे हैं वो आने वाले कुछ महीनों तक मौजूदा व्यवस्था के तहत ही अपने-अपने इलाकों में काम करते रहेंगे। केन्द्र सरकार के मुताबिक दोनों नए केन्द्र शासित राज्यों में बदलाव की ये प्रक्रिया बेहद सादगी भरे समारोह में होगी।

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का बराबर विकास हो इस प्राथमिकता के साथ दोनों केन्द्र शासित राज्यों के गठन की प्रक्रिया पर काम किया गया। प्रशासन को आदेश दिया गया है कि सारे महत्वपूर्ण सरकारी दफ्तरों में सरदार पटेल की तस्वीर लगाई जाए जो एकता का प्रतीक होगी। इसी दिन बेहद सादगी भरे समारोह के तहत लेह में लद्दाख केन्द्र शासित राज्य के राज्यपाल राधा कृष्ण माथुर और श्रीनगर में जम्मू-कश्मीर केन्द्र शासित राज्य के राज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू अपना पद संभालेंगे। जबकि यहां अब उर्दू के बजाय हिंदी में काम होगा।

5 अगस्त के बाद से करीब ढाई महीने तक देश के दो नए केन्द्र शासित राज्यों को बनाने के लिए एक सघन प्रक्रिया चली, जिसमें भारत सरकार के सारे मत्रालयों के अपनी भागीदारी का भरोसा दिया। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का बराबर विकास हो इस प्राथमिकता के साथ दोनों केन्द्र शासित राज्यों के गठन की प्रक्रिया पर काम किया गया।

कर्मचारियों को लेकर बाद में होगा फैसला

केन्द्र सरकार जल्द ही इन दोनों केन्द्र शासित राज्यों के सरकारी कर्मचारियों से उनके काम करने के प्राथमिकता की जगह पूछेगी और फिर आने वाले दिनों में उस हिसाब से तैनाती की जाएगी। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए गृह मंत्रालय ने संयुक्त सचिव के स्तर के एक नए अधिकारी की तैनाती की मांग की है। साथ ही गृह मंत्रालय में पहली बार जम्मू-कश्मीर के अलावा लद्दाख सेक्शन भी खोला गया है। सरकार की योजना के मुताबिक लद्दाख डिवीजन के विकास के लिए केंद्र सरकार जल्दी एक बड़े पैकेज की घोषणा करने जा रही है और उससे पहले लद्दाख डिवीजन में गवर्नर के दो एडवाइजर भी नियुक्त किए जाएंगे। नई व्यवस्था के तहत आने वाले दिनों में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए यूनियन टेरिटरी के अफसर तैनात किए जाएंगे यानी कुल मिलाकर अब यूटी कैडर के अधिकारी लद्दाख से लेकर अंडमान तक तैनात होंगे दिल्ली भी उनमें एक होगा,लेकिन इस योजना के 2020 तक पूरा होने की उम्मीद है।