नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी ने पूरा किया सरदार पटेल का सपना : गिरिराज सिंह

बेगूसराय। एएनएन

लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई की जयंती के अवसर पर गुरुवार को राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता के लिए विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। स्कूलों में प्रभात फेरी एवं एकता और अखंडता की शपथ दिलाई गई। जिला मुख्यालय में रन फॉर यूनिटी का आयोजन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में भाजपा नेताओं, कार्यकर्ताओं, युवाओं, बुद्धिजीवियों और बिहार पुलिस के जवानों ने भाग लिया।

बेगूसराय के सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के नेतृत्व में गांधी स्टेडियम से शुरू रन फॉर यूनिटी हड़ताली चौक, अस्पताल चौक, टेढ़ीनाथ चौक, हीरालाल चौक, मेन मार्केट, कर्पूरी स्थान चौक, नौरंगा पुल होते हुए पटेल चौक पहुंचा। जहां गिरिराज सिंह एवं महापौर उपेंद्र प्रसाद सिंह समेत तमाम लोगों ने सरदार पटेल की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इसके बाद फिर रन फॉर यूनिटी जीडी कॉलेज पहुंची। यहां प्रजातंत्र स्मारक के समक्ष कार्यक्रम में गिरिराज सिंह ने सरदार पटेल के देश की एकता और अखंडता के लिए किए गए कार्यों की विस्तार से चर्चा की।

सांसद गिरिराज ने कहा कि किसी देश की सबसे बड़ी ताकत केवल जीडीपी नहीं, केवल धन-संपत्ति और रोजी रोजगार नहीं, राष्ट्रीय एकता और चट्टानी एकता भी है। उसी चट्टानी एकता के प्रतीक हैं सरदार वल्लभ भाई पटेल जिनकी याद में आज पूरा देश दौड़ रहा है। सरदार पटेल देश के सभी राज्यों के विलय के हिमायती थे। सरदार पटेल के नेतृत्व में 562 राजाओं के राज्य का विलय किया गया जो कि राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बना है। लेकिन जवाहरलाल नेहरू ने एक राज्य अपने हाथ में ले लिया और वह राज्य कश्मीर नासूर बन गया है। कश्मीर को नेहरू के कारण आतंकवाद का गढ़ बनना पड़ा।

लेकिन अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सरदार बल्लभ भाई पटेल के सपनों को पूरा किया गया है। नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी के प्रयास से कश्मीर से अनु च्छेद 370 हटाने, 35-ए हटाने के बाद एक नई आवाज के साथ, नए देश का निर्माण हुआ है। जो पूरे देश में एक निशान, एक प्रधान, एक देश का कानून की सार्थकता सिद्ध कर रहा है। जदयू सांसद केसी त्यागी द्वारा बिहार में एनआरसी लागू नहीं किए जाने के बयान पर पलटवार करते हुए गिरिराज ने कहा कि भारत की एकता के लिए, भारत की समृद्धि के लिए, भारत वासियों के लिए एनआरसी की जरूरत है। देश में जो भी अवैध रूप से रह रहे हैं, जिस भी राज्य में रह रहे हैं, जिस भी जिला में रह रहे हैं, उन्हें जाना ही पड़ेगा और देश के सभी राज्यों में यह लागू होकर रहेगा।