3 घंटे बाद ही हो गई नवजात की मौत, मां ने किया सबसे बड़ा दान है….

मां बनना कुदरत का सबसे बड़ा उपहार है और मां का दूध नवजात श‍िशु से लिए सबसे पौष्‍ट‍िक आहार। लेकिन उस दर्द को कोई कैसे बयान करे, जब एक मां को पहले से यह जानकारी हो कि उसका नवजात कुछ ही घंटों का मेहमान है। जन्‍म के तीन घंटे तक वह मासूम अपनी मां की बांहों में था, लेकिन उसके बाद वह जिंदगी से जंग हार गया।

So I will carry you ,while your heart beats here.Long beyond the empty cradle,through the coming years.I will carry you,all my life And I will praise the One Who's chosen me,to carry you❤️

Gepostet von Sierra Strangfeld am Dienstag, 12. November 2019

बच्‍चे के साथ थी दुर्लभ अनुवांश‍िक स्‍थिति

सिएरा स्ट्रैंगफेल्ड को इस बात की जानकारी पहले से थी। डॉक्‍टरों ने पहले ही बता दिया था कि उसके होने वाले बच्‍चे को trisomy 18 है। यह एक दुर्लभ अनुवांश‍िक स्‍थ‍िति है, जो जन्‍म के साथ ही बच्‍चे के लिए जानलेवा है। यह समस्‍या शरीर अतिरिक्‍त क्रोमोजोम 18 के कारण उत्‍पन्‍न होती है और इसमें शरीर के विकास में देरी हो जाती है। सिएरा ने ‘टुडे’ से बातचीत में कहा कि डॉक्‍टरों ने बच्‍चा गिराने की सलाह दी थी। लेकिन वह अपने नवजात से मिलना चाहती थीं। कुछ घंटों के लिए ही सही उसे दुलार करना चाहती थीं।

When I found out I was pregnant again, I wanted nothing more than to be successful at breastfeeding.But when we found…

Gepostet von Sierra Strangfeld am Mittwoch, 13. November 2019

‘जैसे उसे पता था, वह मां के साथ है’

सिएरा बताती हैं, ‘सैमुएल सिर्फ एक बार मेरी बांहों से जुदा हुआ। तब डॉक्‍टर उसे ऑक्‍स‍िजन ट्यूब लगा रहे थे। हमने वो 3 घंटे साथ में बिताए। मैं उसे छू सकती थी। जब मैंने उसे छुआ तो अचानक उसका हार्ट रेट और ऑक्‍सीजन रेट बढ़ गया। ऐसे जैसे उसे पता था कि वह अपनी मां के साथ है। मैं उन तीन घंटों तक उसे एकटक देख रही थी। लेकिन वह 3 घंटे जैसे मिनटों में बीत गए।’

उन्‍हीं तीन घंटों में तय किया क्‍या करना है

उन तीन घंटों में ही सिएरा ने एक फैसला किया। उन्‍होंने तय किया कि वह अपना दूध दान कर देंगी। वह चाहती थीं कि उनका ब्रेस्‍ट मिल्‍क उन बच्‍चों के काम आए, जिन्‍हें इसकी जरूरत है। वह कहती हैं, ‘मेरा अपने बच्‍चे के जीवन और उसकी मौत पर नियंत्रण नहीं है। लेकिन मैंने उसके बाद जो किया, वह मेरे नियंत्रण में था।’

‘मुझे इस बार सिर्फ एक चीज चाहिए थी’

सिएरा कहती हैं, ‘जब मुझे पता चला कि मैं दोबारा प्रेग्‍नेंट हुई हूं तो मुझे बस इतना चाहिए था कि मैं ब्रेस्‍टफीडिंग में सफल रहूं। लेकिन जब मुझे सैमुअल की रिपोर्ट मिली तो मैं समझ गई कि यह नहीं होने वाला है।’

दूसरे बच्‍चों की बच सकती है जान

अमेरिका में रहने वाली सिएरा कहती हैं कि उनके ब्रेस्‍ट मिल्‍क से दूसरे नवजात बच्‍चों की जिंदगी बच सकती है। 63 दिनों तक सिएरा ने पम्‍प के जरिए अपना बेस्‍ट मिल्‍क इक्‍ट्ठा किया। उन्‍होंने मदर्स मिल्‍क बैंक को 15 लीटर दूध दिया है। सिएरा ने फेसबुक पर अपने इस अनुभव को साझा किया। वह लिखती हैं, ‘पम्‍पिंग मुश्किल है। मानसिक और शारीरिक दोनों रूप में। यह तब और कठिन हो जाता है जब आपका बच्‍चा आपके पास नहीं है।’