नोबेल पुरस्कार विजेता बनर्जी ने शिक्षा, स्वास्थ्य पर ध्यान देने पर दिया जोर

लॉस एंजेल्स। एएनएन (Action News Network)

संयुक्त राष्ट्र की आर्थिक और सामाजिक मामलों की समिति की ताज़ा रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पिछले दशकों में एक अरब से अधिक लोगों को उनकी अत्यधिक गरीबी से ऊपर उठाया जा सका है। इन लोगों की प्रति दिन आय सवा डाॅलर अर्थात मात्र सौ रुपये से भी कम थी।

बताया गया है कि सन 1990 में ऐसे 1.90 अरब लोग थे, जो साल 2015 में घट कर 83 करोड़ 60 लाख रह गए। हालांकि नोबल पुरस्कार विजेता अभिजीत वी. बनर्जी और एस्टर दफ़्लो ने कहा है कि अत्यधिक गरीबी को दूर किया जाना संभव है या नहीं यह मालूम नहीं है। लेकिन संयुक्त राष्ट्र के विदेशी मामलों की एक पत्रिका सेे उन्होंने कहा है कि पिछले कुछ अरसे में वैश्विक स्तर पर, ख़ास तौर पर विकासशील देशों चीन और भारत में काफ़ी काम हुए हैं। विकासशील देशों की अर्थव्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन हुए हैं। उन्होंने अपनी कमियों पर फ़तह पाई है। संसाधनों का भरपूर लाभ उठाया जा सका है। अब सुधार में बहुत गुंजाइश नज़र नहीं आती है।

अभिजीत और दफ़्लो ने भारत और चीन सहित विकासशील देशों को सलाह दी है कि बेहतर होगा कि विकास दर के पीछे भागने की बजाए शिक्षा और स्वास्थ्य पर ध्यान दिया जाए।