देव दीपावली पर्व पर शाम को उत्तर वाहिनी गंगा के किनारे जमीं पर उतरेंगे सितारे

वाराणसी ।एएनएन (Action News Network)

बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में मंगलवार शाम दुनिया के सबसे बड़े जलपर्व पर उत्तर वाहिनी जान्हवी के दोनो तटों पर चांद सितारे जमीं पर होने का एहसास दिलायेंगे। गंगा के पथरीले अर्धचन्द्राकार अस्सी से राजघाट तक फैले लम्बे आठ किलोमीटर के दायरे में दोनों तरफ के तटों के साथ आसपास के मकानों पर आकर्षक विद्युत झालरों से सजावट के बाद लाखों लाख हाथ शाम ढलते ही दीये जलायेंगे।

यह अद्भभुत नजारा देख महसूस होगा कि जैसे धरती पर स्वर्ग उतर आया हो और गंगा के किनारे समानान्तर ज्योर्तिगंगा कल-कल करती बह रही है ।   इस दौरान घाटों पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान, बेटी बचाओ, गंगा निर्मलीकरण जैसे नारे भी दीयो की अल्पनाओं में सजेंगे। गंगा घाटों पर सतरंगी विद्युत लड़िया आतिशबाजी ,तट पर खास लेजर लाइट और फूलों के वन्दनवार गेट, रेड कारपेट पर अद्भुत गंगा आरती का नजारा देख लोग आध्यात्मिक गंगा में डुबकी लगाएंगे।

दुनिया के सबसे बड़े जलपर्व के खास लम्हों के साक्षी बनने शाम ढलते ही राजनेता, ऋषियो, प्रशासनिक अफसरों, विदेशी मेहमान, लाखों नागरिक दोपहर बाद से ही घाटों पर पहुंचने लगेंगे। घाट पर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के साथ ही देश-विदेश के कई वीवीआइपी, वीआइपी मेहमानों की मौजूदगी देख सुरक्षा का तगड़ा इंतजाम किया गया है। लाखों नागरिकों के साथ खास मेहमानों की सुरक्षा जल-थल-नभ से होगी।

गंगा घाटों की निगहबानी ड्रोन से की जा रही है। घाट व उससे जुड़ी सम्पर्क की गलियों के मकानों की छतों पर सुरक्षा बल के जवान तैनात किए गए हैं। डाग स्क्वायड के साथ बम निरोधक दस्ते ने गंगा किनारे घाटों व आसपास के क्षेत्र में चेकिंग शुरू कर दी है। लोगों से पूछताछ के साथ उनके पहचान पत्रों की जांच की जा रही है। एनडीआरएफ, बाढ़ राहत दल, पीएसी के साथ जल पुलिस गंगा में भोर से ही गश्त कर रहे हैं। एडीजी जोन और कमिश्नर,आईजी जोन लगातार सुरक्षा व्यवस्था की कमान अपने हाथ में लेकर निगरानी कर रहे है। नाव, बजड़ों में कोई भी लाइफ जैकेट के बिना सवार न हो, इसके लिए नाविकों की निगरानी हो रही है। सुरक्षा कारणों से घाटों पर बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है।