पंजाबी भाषा की रक्षा के लिए पंजाबियों को आगे आने की जरूरत: जत्थेदार

चंडीगढ़।एएनएन (Action News Network)

अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाशोत्सव के अवसर पर समूचे विश्व में बसे सिखों के नाम जारी संदेश में कहा है कि गुरु नानक देव ने जिस मानवता की कल्पना की थी उसका आज पूरी तरह से पतन हो चुका है। गुरु नानक देव की शिक्षाएं ही मानवता को पतन से बचा सकती हैं।

सलुतानपुर लोधी में आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों के दौरान देश-विदेश से पहुंची संगत से अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि आज पंजाब में ही पंजाबी भाषा के साथ सौतेला व्यवहार हो रहा है। पंजाबी को बचाने के लिए पंजाबियों को ही आगे आना होगा। अकाल तख्त जत्थेदार ने कहा कि अब समय आ गया है जब पंजाबी भाषा को ही रक्षा की जरूरत है। इस मामले में सिख बुद्धिजीवी, चिंतक, लेखक अहम भूमिका निभा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि आज समूचे विश्व में आयोजन किए जा रहे हैं। आज समूची मानवता अनेकों विकारों से जूझ रही है। कुदरत का संतजुलन बिगड़ रहा है। हर तरफ उथल-पुथल मची हुई है। मानवता लुप्त हो रही है।गुरु नानक देव के आगमन से पहले भी सृष्टि की ऐसी ही स्थिति थी। ऐसे में गुरु नानक देव की शिक्षाओं का महत्व और बढ़ जाता है।

आज यह सोचने का वक्त है कि गुरूओं के दर्शाए मार्ग और दी गई शिक्षाओं को आधार बनाकर महिलाओं को बराबरी का दर्जा दिया जा रहा है यह नहीं। उन्होंने दोहराया कि गुरु नानक देव के प्रकाशोत्सव के अवसर पर बेहतर होता अगर केंद्र सरकार जेलों में बंद बंदी सिखों को रिहा करती लेकिन यह घोषणा होने के बावजूद फैसले को अमली रूप नहीं दिया गया है जिससे सिख संगत में मायूसी है। केंद्र को इस बारे में जल्द से जल्द फैसला लेना चाहिए।