भाजपा जिलाध्यक्ष पद की दौड़ में पूर्व सांसद हरि मांझी सहित कई प्रमुख नेता

  • गया के 42 में 32 मंडल अध्यक्ष हो चुके हैं निर्वाचित घोषित
  • देश अध्यक्ष चुनाव के बाद जिलाध्यक्ष के नाम की घोषणा की संभावना

गया। एएनएन (Action News Network)

गया भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष पद को लेकर सर्वसम्मति के आसार नहीं हैं। निवर्तमान अध्यक्ष धनराज शर्मा की राह में दो बार लोकसभा और एक बार बिहार विधानसभा के सदस्य रहे हरि मांझी रोड़ा बन गए हैं। वहीं, अन्य नामों की चर्चा पार्टी के अंदरखाने में हो रही है।

गया जिला भाजपा के संगठन को सशक्त बनाने के लिए कुल 42 मंडल को मान्यता मिली है। जहां वार्ड से लेकर पंचायत स्तर पर बूथ कमेटी का गठन होना है। जिले के 10 मंडलों में सक्रिय सदस्य या कोरम के अभाव के कारण संगठन का चुनाव नहीं हो पाया । प्रदेश चुनाव प्रभारी पिछले दिनों 32 मंडलों के अध्यक्ष को निर्वाचित घोषित कर चुके हैं।शेष 10 मंडल अध्यक्ष के नाम की घोषणा चुनावी प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण नहीं की जा सकी है।

निर्वतमान अध्यक्ष धनराज शर्मा इस बार फिर जिलाध्यक्ष पद के सशक्त दावेदार माने जा रहे हैं। विधान पार्षद कृष्ण कुमार सिंह खेमें से आने वाले धनराज शर्मा का इस बार निर्वाचित घोषित होने की औपचारिकता अंतिम समय में पूरी नहीं हो सकी।

गया से दो बार लोकसभा सदस्य रहे हरि मांझी ने जिलाध्यक्ष पद के लिए अपनी दावेदारी पेश कर दी है, जिसके कारण “सर्वसम्मति” से जिलाध्यक्ष पद पर किसी के नाम की घोषणा अंतिम समय में नहीं हो सकी । पिछले तीन दशक से गया जिला भाजपा में कृषि मंत्री डॉ प्रेम कुमार और विधान पार्षद कृष्ण कुमार सिंह के समर्थक को क्रमशः गया महानगर और जिला संगठन की कमान मिलती रही है।

प्रेम जी की राय से महानगर अध्यक्ष सहित संगठन के पदाधिकारियों की घोषणा होती रही है। इस बार फिर एक बार महानगर संगठन के सभी चार मंडलों में पूर्व की स्थिति है। सभी चार मंडल अध्यक्ष कृषि मंत्री डॉ प्रेम कुमार के कट्टर समर्थक है।

वहीं, विधान पार्षद कृष्ण कुमार सिंह के कट्टर समर्थक धनराज शर्मा का जिलाध्यक्ष पद पर दोबारा निर्वाचित घोषित होने की संभावना पर अभी ब्रेक लग गया है। तात्कालिक कारण पूर्व सांसद हरि मांझी हैं ऐसा माना जा रहा है । हरि मांझी को इस बात का मलाल है कि उनका गया (सु.) लोकसभा चुनाव क्षेत्र से तीसरी बार चुनाव मैदान से बाहर करने के लिए राजनीतिक वध किया गया।इस साजिश में वैसे सभी शामिल थे, जिनके घर और आसपास उन्होंने “गणेश परिक्रमा” करने से परहेज़ किया।

पूर्व सांसद हरि मांझी अपने साथ हुए भीतरघात और पार्टी आलाकमान को गुमराह करने वालों को जिलाध्यक्ष चुनाव में शिकस्त देने के लिए खुलकर चुनावी मैदान में कूद पड़े हैं । पार्टी सूत्रों की मानें तो हरि मांझी प्रदेश संगठन के प्रभारी सांसद भूपेन्द्र यादव, प्रदेश अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल और प्रदेश संगठन महामंत्री नागेंद्र के समक्ष अपनी दावेदारी पेश कर चुके हैं।

गया जिलाध्यक्ष पद को लेकर पूर्व जिलाध्यक्ष ललिता सिंह, अनिल स्वामी एवं जैनेन्द्र कुमार,संघ के कट्टर समर्थक क्षितिज मोहन सिंह सहित कई अन्य के नाम की चर्चा है।

क्षितिज मोहन सिंह ने पूछे जाने पर बताया कि वह जिलाध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हरि मांझी अध्यक्ष पद को लेकर काफी गंभीर हैं । उन्होंने बताया कि हरि मांझी इस संबंध में वरिष्ठ नेताओं से मिलकर बायोडाटा सौंप चुके हैं। प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव संपन्न होते ही जिलाध्यक्ष के नाम की घोषणा हो जाने की पूरी संभावना है।