शिवसेना ने फिर दिया जोर का झटका

शिवसेना और भाजपा के मतभेद सतह पर आ गए है । केंद्र सरकार के खिलाफ इस्तेमाल की जा रही भाषा की तल्खी अब व्यवहार में भी देखने मे आ रही है। दोनों दलों का गठबंधन तीस वर्षों से चला आ रहा था, परन्तु महाराष्ट्र विधानसभा में चुनाव परिणाम आने के बाद मुख्यमंत्री बनाने के मुद्दे पर यह गठबंधन टूट गया ।

नागरिकता संशोधन बिल पर कल लोकसभा में शिवसेना ने भाजपा का साथ देते हुए बिल का समर्थन किया लेकिन आज अचानक महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने आज अचानक यह कह कर चौकाने वाला काम किया कि अभी हमारे सवालों के जवाब नही मिले है जब तक सारी बातें स्पष्ट न हो तब तक विचार करना पड़ेगा।

अतः इसे शिवसेना के समर्थन के मामले में यू टर्न माना जा रहा है। शिवसेना के राज्यसभा में 3 सांसद है। जो इस समय बहुत महत्वपूर्ण संख्या है।