पाकिस्तान जाने के बेकरार सिद्धु ; लिखी तीसरी चिट्ठी

  • कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने विदेश मंत्रालय को लिखी तीसरी चिट्ठी, फिर मांगी पाकिस्तान जाने की इजाजत
  • पाक पीएम इमरान खान ने नवजोत सिंह सिद्धू को करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन में शामिल होने का न्योता भेजा है
  • विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि कार्यक्रम के महत्व को देखते हुए किसी एक को हाइलाइट करना सही नहीं

चंडीगढ़एएनएन (Action News Network)​

9 नवंबर को करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन किया जाना है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने नवजोत सिंह सिद्धू को न्योता भेजा है। सिद्धू अबतक विदेश मंत्रालय को तीन पत्र लिख चुके हैं कि उन्हें पाकिस्तान जाने दिया जाए।

पंजाब के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने विदेश मंत्रालय को अब तीसरा पत्र लिखा है। इस पत्र के जरिए उन्होंने करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन समारोह में शामिल होने के लिए पाकिस्तान जाने की इजाजत मांगी है। बता दें कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने नवजोत सिंह सिद्धू को न्योता भेजा है।

पत्र में सिद्धू ने लिखा कि बार-बार रिमाइंडर देने के बाद भी आपने मुझे जवाब नहीं दिया कि सरकार ने मुझे उद्घाटन में जाने की अनुमति दी है या नहीं। उधर, नवजोत सिंह सिद्धू के सवाल पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि कार्यक्रम के महत्व को देखते हुए किसी एक व्यक्ति को हाइलाइट करना कहीं से भी सही नहीं है।

नवजोत सिंह सिद्धू ने लिखा तीसरा पत्र

अपना कॉमेंट लिखेंगौरतलब है कि नवजोत सिंह सिद्धू ने बुधवार को विदेश मंत्रालय से दोबारा पाकिस्तान जाने की इजाजत मांगी थी। इसके लिए पहले भी वह विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिख इजाजत मांग चुके हैं। सिद्धू ने अपने दूसरे पत्र में लिखा था, ‘जो न्योता आया है उसकी कॉपी पहले ही भेजी जा चुकी है। यह कार्यक्रम एकदम पाक-साफ है। मैं आपसे विनम्रता पूर्वक 9 नवंबर को सुबह 9 बजकर 30 मिनट पर कॉरिडोर पार करके दूसरी ओर जाने की अनुमति दिए जाने का अनुरोध करता हूं। कॉरिडोर के उद्घाटन का समय 11 बजे सुनिश्चित किया गया है।’

सिद्धू ने तीसरे पत्र में लिखी यह बात
पत्र में सिद्धू ने यह भी लिखा है, ‘देरी और कोई जवाब न मिलने से मेरे भविष्य के कार्यों में बाधा पहुंच सकती है। मैं यह स्पष्ट करता हूं कि यदि सरकार को कोई दिक्कत है तो मुझसे कहे, मैं एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में वहां नहीं जाऊंगा। लेकिन यदि आपने मेरे तीसरे पत्र का भी जवाब नहीं दिया तो हजारों सिख भक्तों की तरह मैं वैध वीजा के साथ पाकिस्तान जाऊंगा।’