बाहरी राज्यों के खनन माफिया को बढ़ावा दे रही त्रिवेन्द्र सरकार: मोर्चा

प्रदेश के अधिकांश विधायक खनन के काले धन्धे में लिप्त

देहरादून। एएनएन (Action News Network)

जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि राज्य की जनता को आपस में उलझाकर त्रिवेन्द्र सरकार बाहरी प्रदेशों के खनन माफिया के हाथों को राज्य को बेचने का काम किया है। अध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी यह आरोप बुधवार को विकासनगर-मोर्चा कार्यालय में भाजपा सरकार पर लगाए।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की बेसुध जनता जो धर्म के नाम पर आपस में लड़ा कर सूबे के मुखिया त्रिवेन्द्र ने हिमाचल, हरियाणा व यूपी के खनन माफिया के हाथों प्रदेश को बेचने का काम किया है। कहा कि बड़े दुर्भाग्य की बात है कि बरसात सीजन को खत्म हुए लगभग तीन महीने होने वाले हैं फिर भी प्रदेश में खनन पर अघोषित रोक लगी है, जिस कारण अन्य प्रदेशों से उपखनिज (रेत-बजरी आदि) उत्तराखण्ड में लाया जा रहा है, जो कि प्रति ट्रक 20-25 हजार में बिक रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में खनन कारोबार से जुड़े लाखों मजदूर, खनन कारोबार से जुडे व्यवसायी तथा प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष तौर पर इस उपखनिज से होने वाले कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं और प्रदेश में निर्माण तथा विकास कार्य पूरी तरह से ठप पड़े हैं।

आरोप लगाया कि अन्य प्रदेश के खनन माफिया से मुख्यमंत्री की साठगांठ है। इसी के चलते जनवरी 2020 तक खनन कारोबार बन्द रखने की मोहलत माफिया को दे रखी है। कहा कि काले कारनामों का अनुसरण करने में प्रदेश के लगभग 60 फीसदी विधायक लिप्त हैं । वह अपने गुर्गों के माध्यम से इस काले कारोबार को संचालित करा रहे हैं।