‘अनेकता में एकता’ ही हमारा ‘राष्ट्रधर्म’ है : नकवी

” विकास की गाड़ी को तेजी से आगे ले जाने के लिए ‘सौहार्द और एकता का हाई-वे’ जरूरी “

कोच्चि/नई दिल्ली। एएनएन (Action News Network)​

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने शुक्रवार को कहा कि ‘अनेकता में एकता’ ही हमारा ‘राष्ट्रधर्म’ है और इसे मजबूत रखना हमारा ‘राष्ट्रीय कर्तव्य’ है।

किसी भी परिस्थिति, किसी भी हाल में हमारे “राष्ट्रधर्म” की मूल भावना, सौहार्द और एकता पर किसी भी तरह की आंच नहीं आनी चाहिए। हमें इस राष्ट्रधर्म और राष्ट्रीय भावना को एकजुट होकर और ताकत देनी है। किसी भी परिस्थिति में देश के सामाजिक सौहार्द, भाईचारे, एकता के ताने-बाने को मजबूत रखना है और उसे नुकसान पहुंचाने की किसी भी साजिश को एकजुट होकर शिकस्त देनी है।

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी

कोच्चि (केरल) में आयोजित दक्षिण भारत के धर्मिक स्थलों, शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और मुतवल्लियों की कॉन्फ्रेंस में नकवी ने कहा कि कहा कि ‘अनेकता में एकता’ के हमारे ‘राष्ट्रधर्म’ को मजबूत रखने के लिए हम सबको पूरी ताकत के साथ एकजुट हो कर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति, किसी भी हाल में हमारे “राष्ट्रधर्म” की मूल भावना, सौहार्द और एकता पर किसी भी तरह की आंच नहीं आनी चाहिए। हमें इस राष्ट्रधर्म और राष्ट्रीय भावना को एकजुट होकर और ताकत देनी है। किसी भी परिस्थिति में देश के सामाजिक सौहार्द, भाईचारे, एकता के ताने-बाने को मजबूत रखना है और उसे नुकसान पहुंचाने की किसी भी साजिश को एकजुट होकर शिकस्त देनी है।

नकवी ने कहा कि विकास की गाड़ी को तेजी से आगे ले जाने के लिए ‘सौहार्द और एकता का हाई-वे’ जरूरी है। उन्होंने कहा कि एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के तहत देशभर की वक्फ सम्पत्तियों का सौ प्रतिशत डिजिटाइजेशन का लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। डिजिटाइजेशन एवं जियो मैपिंग ने बड़ी संख्या में ‘गुमशुदा’ वक्फ सम्पत्तियों को वक्फ रिकॉर्ड का हिस्सा बनाने में मदद की है। दशकों से बड़ी संख्या में वक्फ सम्पत्तियां अधिकृत वक्फ रिकॉर्ड से गायब हो गई थी। पिछले पांच वर्षों में युद्ध स्तर पर वक्फ सम्पत्तियों के डिजिटाइजेशन कार्य का नतीजा है कि ऐसी वक्फ सम्पत्तियों का लेखा-जोखा भी दुरुस्त किया गया है।

इस सम्मेलन में केरल के हज एवं वक्फ मंत्री डॉ के.टी. जलील, अल्पसंख्यक मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, केंद्रीय वक्फ काउंसिल के सचिव, काउंसिल के सदस्य एवं वरिष्ठ अधिकारी, केरल, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, लक्षद्वीप, पुडुचेरी, तमिलनाडु, तेलंगाना के वक्फ बोर्डों के चेयरमैन, सीईओ एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

अल्पसंख्यक कार्य मंत्री ने कहा कि देशभर में छह लाख से ज्यादा पंजीकृत वक्फ सम्पत्तियां हैं। इसके अलावा वक्फ संपत्तियों की 100 प्रतिशत जियो टैगिंग, जीपीएस मैपिंग के लिए युद्धस्तर पर अभियान शुरू कर दिया गया है ताकि देशभर में स्थित वक्फ सम्पत्तियों का सदुपयोग समाज की भलाई के लिए किया जा सके।

नकवी ने कहा कि लगभग 24 हजार वक्फ सम्पत्तियों के जियो टैगिंग जीपीएस मैपिंग का काम पूरा हो गया है। वक्फ सम्पत्तियों की जीआईएस, जीपीएस मैपिंग के लिए आईआईटी रुड़की, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी जैसे संस्थानों द्वारा काम किया जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जहां एक ओर वक्फ सम्पत्तियों के डिजिटाइजेशन और जियो टैगिंग, जीपीएस मैपिंग से वक्फ माफियाओं पर अंकुश लगेगा, वहीँ दूसरी ओर वक्फ सम्पतियों का समाज के भलाई के सदुपयोग लिए सुनिश्चित होगा।

सेंट्रल वक्फ कौंसिल, वक्फ रिकॉर्ड के डिजिटलाइजेशन एवं जीआई मैपिंग, जिओ टैगिंग हेतु राज्य वक्फ बोर्डों को आर्थिक मदद एवं तकनीकी सहायता दे रही है ताकि सभी राज्य वक्फ बोर्ड, वक्फ सम्पत्तियों के डिजिटलाइजेशन का काम तय समय सीमा में पूरा कर सकें।

नकवी ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार देशभर में वक्फ संपत्तियों पर स्कूल, क़ॉलेज, हॉस्पिटल, सामुदायिक भवन आदि के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पीएमजेवीके) के तहत शत-प्रतिशत फंडिग कर रही है।

नकवी ने मुतवल्ली कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन भी किया, जिसमें दक्षिणी राज्यों से 200 से ज्यादा मुतवल्ली शामिल हुए। उन्होंने कहा कि देशभर में कार्यरत मुतवल्ली वक्फ सम्पतियों के ‘कस्टोडियन’ हैं। उनकी जिम्मेदारी है कि वक्फ संपत्तियों का सदुपयोग एवं सुरक्षा हो।