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टाई आहोम को जनजाति का दर्जा देने की टाइपा ने उठायी मांग

टाई आहोम को जनजाति का दर्जा देने की टाइपा ने उठायी मांग
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  • 26 जनवरी से पूर्व मांग पूरी न होने पर विस चुनाव में उत्तर देने की चेतावनी

शिवसागर (असम) । एक्शन इंडिया न्यूज़

जनजातिकरण और स्वायत्तशासी शासन की मांग को लेकर सोमवार को टाई आहोम युव परिषद (टाइपा) ने विरोध प्रदर्शन का कार्यक्रम आयोजित किया। टाइपा ने कहा कि आगामी 26 जनवरी से पूर्व यदि टाई आहोम समाज को जनजाति का दर्जा नहीं प्रदान किया जाता है तो आगामी विधानसभा चुनावों में टाइपा भाजपा सरकार को सबक सिखायेगा।

शिवसागर जिला उपायुक्त कार्यालय के सामने धरना देते हुए टाइपा ने टाई आहोम जनगोष्ठी को जनजाति का दर्जा देने और स्वायत्तथासी शासन प्रदान करने की सरकार से मांग की।

टाइपा के विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम में काफी संख्या में लोग हिस्सा लेते हुए हाथों में परंपरागत हेंगदांग (एक तरह की तलवार) लेकर बरताल (कांसे से बनी बड़ी झाल) बजाकर भाजपा सरकार के विरूद्ध जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और भाजपा के विरोध में नारेबाजी करते हुए टाइपा की मांगों को अविलंब पूरा करने की मांग की। टाइपा ने कहा कि राजनीतिक, भूमि और रोजगार के क्षेत्र की सुरक्षा के लिए अनुसूचित जनजाति का दर्जा के अलावा अन्य कोई विकल्प नहीं है।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि असम विधानसभा में टाई आहोम समेत छह जनगोष्ठियों को जनजातिकरण के मुद्दे पर सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित होने बावजूद अब तक मुद्दा केवल चुनावी आश्वासनन बनकर रह जाना रहस्यमय और दुर्भाग्यजनक बात है। उन्होंने कहा कि भारत जैसे बड़े गणतंत्र देश के प्रधानमंत्री जनजातिकरण के मुद्दे पर सही नहीं बोलना गणतंत्र व्यवस्था के प्रति आस्था को कम करने वाला दिखाता है।

टाइपा के केंद्रीय कार्यकारी अधअयक्ष भृगु हातीमुरिया ने कहा कि आगामी 26 जनवारी से पूर्व यदि टाई आहोम समाज को जनजाति का दर्जा नहीं प्रदान किया जाता है तो आगामी विधानसभा चुनावों में टाइपा भाजपा सरकार को सबक सिखायेगा।

टाइपा की केंद्रीय समिति के मुख्य सलाहकार हरेन फूकन, सलाहकार ननी कुमार गोगोई, संयुक्त सचिव दिगंती तामुली और दीपज्योति दुवरा समेत काफी संख्या में संगठन के पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित थे।

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