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मृतक को कोरोना पॉजिटिव घोषित करने पर मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ किया प्रदर्शन

मृतक को कोरोना पॉजिटिव घोषित करने पर मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ किया प्रदर्शन
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कठुआ । एक्शन इंडिया न्यूज़

आत्महत्या मामले में मृतक युवक को अस्पताल ले जाने पर कोरोना जांच के दौरान कोरोना पॉजिटिव घोषित करने पर मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व पूर्व मंत्री बाबू सिंह और पैंथर्स पार्टी कठुआ के जिला प्रधान रॉबिन शर्मा ने बताया कि श्यामलाल निवासी वार्ड नंबर 1, 34 वर्षीय युवक जोकि मानसिक तौर पर बीमार था और बीते कल उसने गले में फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।


इसके बाद परिजनों ने कठुआ पुलिस को सूचना दी और उसे जिला अस्पताल लाया गया। वहीं अस्पताल प्रशासन ने उसे मृतक घोषित कर दिया और उसकी रेपिड कोरोना जांच की जिसमें मृतक पॉजिटिव पाया गया। वहीं मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनका भाई घर से बाहर नहीं निकलता था क्योंकि वह मानसिक तौर पर बीमार था और वह घर पर ही रहता था। उन्होंने कहा कि अगर वह घर से बाहर नहीं गया तो फिर अस्पताल प्रशासन ने उसे कोरोना पॉजिटिव क्यों करार दिया।


उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कोविड-19 प्रोटोकॉल की आड़ में अस्पताल प्रशासन लोगों को प्रताड़ित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना पॉजिटिव मृतकों का अंतिम संस्कार अस्पताल प्रशासन करता हैं, जहां तक की पहले भी इन्होंने बेड़ियां पतन के पास जो संस्कार किए थे उसमे कई मृतकों के शरीर अधजले रह गए थे। उन्होंने कहा कि कोरोना की आड़ में जिला प्रशासन नेगिटव-पाॅजिटिव का खेल रच रहा हैं।


पूर्व मंत्री बाबू सिंह ने प्रशासन को आढ़े हाथों लेते हुए कहा कि कोरोना के नाम पर गरीबों को प्रताडित करना बंद करे। उन्होंने कहा कि रोपिड टेस्ट की कोई मानयता नहीं है, इसलिए कोरोना का दूसरी जांच की जाए। वहीं अस्पताल प्रशासन ने मामले को शांत करने के लिए मृतक के परिजनों की बात मानते हुए कोरोना का एक अन्य टेस्ट करने का अश्वासन दिया। जिसकी रिपोर्ट फिर से पाॅजिटिव आई है। वहीं कोविड प्रोटोकॉल के तहत मृतक का अंमित संस्कार किया गया।

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