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महापर्व छठ की गाइडलाइन के खिलाफ निकाली गई सीएम की शव यात्रा

महापर्व छठ की गाइडलाइन के खिलाफ निकाली गई सीएम की शव यात्रा
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रामगढ़ । एक्शन इंडिया न्यूज़

महापर्व छठ के आयोजन को लेकर झारखंड सरकार की गाइड लाइन का विरोध चारों तरफ हो रहा है। मंगलवार को भाजपा और आजसू के नेताओं ने संयुक्त रूप से रामगढ़ में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की शव यात्रा निकाली। सबसे बड़ी बात यह थी कि सीएम के पुतले को महिलाओं ने कंधा दिया और दामोदर नदी में उसका अंतिम संस्कार भी किया। इस मौके पर पार्टी नेताओं ने कहा कि झारखंड प्रदेश की सरकार हिंदू विरोधी कार्य कर रही है।

सनातन धर्म में सबसे बड़ा पर्व छठ को माना गया है। इस मौके पर श्रद्धालु नदी, तालाब, डैम आदि स्थानों पर भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करते हैं। लेकिन सरकार ने इस बार इस महापर्व को घर पर मनाने का फरमान सुनाया है। सरकार का तुगलकी फरमान किसी भी स्तर पर जायज नहीं है। भगवान सूर्य को अर्घ देने के लिए श्रद्धालु छठ घाट पर ही पहुंचते हैं।

इस बार इस महापर्व पर कोरोना का हथोड़ा चलाया जा रहा है। लेकिन सरकार अपने वजूद और कार्य के लिए किसी गाइडलाइन का पालन नहीं कर रही है। हाल ही में संपन्न हुए दुमका और बेरमो विधानसभा चुनाव इसका स्पष्ट उदाहरण है। इससे पहले एक मंत्री महोदय के जनाजे में भी हजारों लोगों का जमावड़ा यह बता रहा था कि वहां कोरोना खत्म हो गया है। लेकिन जैसे ही हिंदुओं के त्यौहार की बात आती है सरकार कोरोना का डर दिखाना शुरू कर देती है। सरकार को अपना फैसला तत्काल बदलना चाहिए और छठ व्रतियों के लिए सोशल डिस्टेंसिंग के साथ अर्घ देने का निर्देश जारी करना चाहिए।

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