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छिंदवाड़ा: दुष्कर्म के आरोपी को मिला मृत्युदंड

छिंदवाड़ा: दुष्कर्म के आरोपी को मिला मृत्युदंड
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छिंदवाड़ा । एक्शन इंडिया न्यूज़

न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश अमरवाडा निशा विश्वकर्मा द्वारा एक 3 साल 6 माह की बालिका के साथ बलात्कार कर हत्या‍ के मामले के एक आरोपी को मृत्युदंड से तथा दूसरे आरोपी को 7 वर्ष के कारावास से दंडित किया गया। नयायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुये निरंतर 116 दिनों तक सुनवाई की।

थाना अमरवाडा में अपराध क्रमांक 480/2020, प्रकरण क्रमांक 54/2020, धारा 363, 366(A), 376, 376AB, 302, 201 ,एवं धारा 4,5(I)(M)(R) 6 पाक्सों एक्ट भादस दर्ज किया गया था। थाना अमरवाडा चौकी सिगोंडी अंतर्गत ग्राम में घटना दिनांक 17-07-2020 के शाम 5 बजे की है। मृतिका जिसकी उम्र करीब 3 साल 6 माह थी, घर के सामने रोड पर खेल रही थी।

बच्ची की मां घर में काम कर रही थी। तभी अचानक मृतिका बालिका गायब हो गई थी। परिजनों के द्वारा बच्ची को किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला फुसलाकर ले जाने की रिपोर्ट सिगोंडी चौकी में दर्ज कराई गई। जिला पुलिस अधीक्षक विवेक अग्रवाल के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने गुम हुई बालिका के शव को आरोपियों के बताए अनुसार डैम से बरामद कर लिया।

पुलिस द्वारा लगातार पूछताछ से जानकारी प्राप्त हुई कि घटना दिनांक को घटना समय से बच्ची के पडोस में रहने वाले रितेश उर्फ रोशन एवं धनपाल अपने घर पर नही थे, एवं मोटर साईकिल से दोनो को बीच में बोरी रखकर जाते दिखे। इसके पुलिस ने संदेह के आधार पर रितेश उर्फ रोशन से पूछताछ की।

जिसने घटना को स्वीेकार कर बताया कि घटना दिनांक को मृतिका बच्ची को घर के सामने खेलते समय 10 रूपये का नोट दिखाकर अपने पास बुलाया और बकरी बांधने के कोठे में ले जाकर मुंह में चुन्नी बांधकर दुष्कर्म किया।जिससे बच्ची की मौत हो जाने पर धनपाल के साथ मिलकर बोरी में बच्‍ची के शव को भरकर मोटर साईकिल से माचागोरा डेम के पानी में फेक दिया। आरोपी के बताने पर पुलिस ने माचागोरा डेम से लाश बरामद तथा प्रकरण पंजीबद्द कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया।

उक्त प्रकरण में लॉकडॉउन के दौरान लगातार सुनवाई हुई तथा अभियोजन द्वारा मात्र 116 दिन में साक्षीयों के साक्ष्य कराए गये। माननीय न्यायालय के समक्ष अभियोजन द्वारा साक्ष्य कराये गए तथा माननीय न्यायालय द्वारा अभियोजन साक्ष्य व तर्को से सहमत होते हुये आरोपी को सजा सुनाई। तथा पीडित पक्षकर को क्षतिपुर्ति राशि प्रदान की गई। पुलिस द्वारा आरोपी गणो के विरूद्ध धारा 363, 366(A), 376, 376AB, 302, 201 ,एवं धारा 4,5(I)(M)(R) 6 पाक्सोंद एक्ट भादस के अधीन मामल दर्ज किया गया।

मामले में आरोपों की पुष्टि के लिये आरोपी रितेश का ब्लड सैपल का डी.एन.ए. परीक्षण कराया गया, जिसकी सकारात्मकता और 116 दिन चली निरन्तर न्यायिक कार्यवाही में आरोपीगणो के विरूद्ध 31 गवाहों के बयान के आधार पर आरोपी रितेश को धारा 366 में 10 वर्ष, व 2000 रूपये का अर्थदंड, धारा 201 में 7 वर्ष, व 2000 रूपये का अर्थदंड, धारा 302 में मृत्युरदंड, व 500 रूपये का अर्थदंड, पाक्सों 4,5,6 मृत्यु0दंड, आरोपी धनपाल को धारा 201 में 7 वर्ष, व 2000 रूपये का अर्थदंड, सजा सुनाई गई।

न्यायालय ने अपने निर्णय में उल्लेखित किया कि प्रकरण विरल से विरलतम होने से आरोपी रितेश की मृत्यु दंड की सजा की पुष्टि की गई। मामले में शासन की ओर समीर पाठक जिला लोक अभियोजन अधिकारी व दिनेश उइके एवं लोकेश घोरमारे विशेष लोक अभियोजक द्वारा पैरवी की गई।

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