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किसान के हित में बनाए गए कानून का विरोध निराधार हैः आलोक संजर

किसान के हित में बनाए गए कानून का विरोध निराधार हैः आलोक संजर
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राजगढ़ । एक्शन इंडिया न्यूज़

एक राष्ट्र-एक बाजार की अवधारणा विकसित करने के लिए किसान के हित में यह व्यवस्था की गई है, किसान के जीवन स्तर को उंचा उठाने के लिए कानूनी प्रयास किए जा रहे है, उत्पादन के मूल्य का निर्धारण किसान स्वयं करे, किसान को अभिमान और स्वाभिमान देने के प्रयास किए जा रहे है, साथ ही यह कानून किसान के हित में है, फिर कांग्रेस सहित अन्य दल भ्रम फैलाकर राजनीति क्यों रहे है, उनका विरोध पूरी तरह से निराधार है। यह बात भोपाल पूर्व सांसद आलोक संजर ने सोमवार को स्थानीय विश्रामगृह में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान कही।

उन्होंने कहा कि अधिकारों से वंचित किसानों को अपने उत्पादन का मूल्य निर्धारण करने और उसे इच्छानुसार बेचने की स्वतंत्रता प्रदान करने के लिए तीन विधेयकों के माध्यम से कानूनी प्रावधान किए गए है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद भी किसानों को अपनी फसलों का मूल्य निर्धारण करने अधिकार नही दिया गया, आज जब किसानों के स्तर को उंचा उठाने और उत्पादन के मूल्य निर्धारण का अधिकार दिया जा रहा है तो कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दल का विरोध यह दर्शाता है कि किसानों से दलाली खाने वालों से इनके क्या संबंध है। आज जो नेता इस कानून का विरोध कर रहे है, वही नेता संसद के भीतर और बाहर इसकी वकालत करते थे। किसान को अभिमान और स्वाभिमान देने के प्रयास किए जा रहे हैं तो विरोधी दलों के पेट में मरोड़ क्यों हो रही है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हर राष्ट्रीय विषय पर देश का वातावरण खराब करने का प्रयास किया है चाहे वह तीन तलाक कानून, कश्मीर से धारा 370 हटाने, सीएए, राममंदिर निर्माण की बात हो। नए कानून के संदर्भ में विरोधी दलों ने किसान के बीच भ्रम पैदा करने का पाप किया है, जिससे भय दिखाकर इनका राजनीति करने एजेंडा चलता रहे।

पूर्व सांसद संजर ने कहा कि हमारा प्रश्न यह है कि किसान को दाम तय करने का अधिकार नही मिलना चाहिए, उत्पाद को किसी भी राज्य में बेचने की छूट नही मिलनी चाहिए, क्या किसान को आधुनिक सुबिधाओं के माध्यम से बाजार तलाशने का अधिकार नही है, फसल से संबंधित निर्माण उधोग लगाने का अधिकार नही है, क्या किसानों को चुंगी और टैक्स की चक्की में पिसने के लिए छोड़ देना चाहिए, यातायात व्यय बचाने का अधिकार नही है। विरोधी दल किसान को निरंतर निरीह और कमजोर देखना चाहते है, लेकिन भाजपा की सरकार अब किसानों को लाचार नही रहने देगी। देश सहित प्रदेश में किसान के कल्याण के लिए कार्य किए जा रहे है। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में चार हजार रुपये की वृद्धि कर दस हजार रुपये किसानों को देने का निर्णय लिया है।

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