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19 हजार नवजात में मात्र 1 कुपोषित, पांच एनआरसी केन्द्रों में 70 सीट में 44 खाली

19 हजार नवजात में मात्र 1 कुपोषित, पांच एनआरसी केन्द्रों में 70 सीट में 44 खाली
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अनूपपुर । एक्शन इंडिया न्यूज़

कुपोषण के खिलाफ लड़ाई में स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश भी स्वास्थ्य अधिकारियों सहित मैदानी अमले पर बेअसर हो गया हैं। शहडोल जिला चिकित्सालय में लगभग दो दर्जन बच्चों की हुई मौत मामले में 8 दिसम्बर को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभूराम चौधरी ने जिला चिकित्सालय अनूपपुर का निरीक्षण करते हुए एनआरसी में कम बच्चों की मौजदूगी पर नाराजगी जताई और कुपोषित बच्चों का सर्वे कार्य कराते हुए नजदीकी एनआरसी सेंटरों पर भर्ती के निर्देश दिए। लेकिन मंत्री के लौटते ही स्वास्थ्य और महिला बाल विकास विभाग अमला फिर से सुस्त हो गया। तीन दिन बाद भी एनआरसी सेंटर में बच्चों की भर्ती के लिए निर्धारित सीटे नहीं भरी जा सकी।

जिले में 0-3 माह के लगभग 19 हजार नवजात बच्चे हैं। लेकिन मैदानी अमले को पिछले तीन दिनों में एक कुपोषित बच्चे के अलावा और कोई नहीं मिल सका हैं। वहीं अधिकारियों ने भी मैदानी अमले से सर्वेक्षण में कितने कुपोषित बच्चे मिले हैं का डाटा तैयार नहीं किया है। जिसके कारण जिले के पांचों एनआरसी सेंटरों में बच्चों की भर्ती के लिए निर्धारित सीटे आधे से अधिक खाली पड़ी है। सबसे आश्चर्य यह है कि कुपोषित बच्चों के मामले में सर्वाधित प्रभावित क्षेत्र पुष्पराजढ़ विकासखंड में ही कुपोषित बच्चों की भर्ती सबसे कम है।

ज्ञात हो कि अनूपपुर जिले में कुपोषण का दंश दिनों दिन गहराता जा रहा है। वर्ष 2019 में 10391 कुपोषित बच्चें एवं 770 अतिकुपोषित बच्चों को पोषित करने का अभी सिलसिला पूरा नहीं हुआ था कि वर्ष 2020 में 5676 बच्चे कुपोषित पाए गए, इनमें 616 बच्चे अतिकुपोषित बच्चें हैं।

बावजूद स्वास्थ्य और महिला बाल विकास विभाग अमला कुपोषित को पोषित करने गम्भीर नहीं है। जिले में जन्म लेने वाले अधिकांश बच्चे मां के पेट से ही कुपोषित पैदा हो रहे हैं। जिनमें कुछ जन्म के चंद दिनों बाद और मौत के मुंह में समा जाते हैं या फिर कुपोषण की चपेट में आ जो हैं। वर्तमान में 616 ऐसे कुपोषित मासूम हैं जिनपर हर पल मौत का खतरा रहता है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता व एएनएम बिना जांच परीक्षण और चिह्नित किए गलत जानकारी अफसरों तक पहुंचा रही है।

विकासखंड अनूपपुर में कुपोषित 1372 अतिकुपोषित 177 ,जैतहरी कुपोषित 1217 अतिकुपोषित 91,कोतमा कुपोषित 906 अतिकुपोषित 87 एवं पुष्पराजगढ़ में कुपोषित 2181 अतिकुपोषित 261 हैं।

एनआरसी में न्यून सीट,यहां भी बच्चे कम जिसमें विख. अनूपपुर में 20 सीट में भर्ती 07 खाली 13, जैतहरी में 10 में 06 भर्ती 04 खाली ,कोतमा 10 में 06 भर्ती 04 खाली ,पुष्पराजगढ़ में 20 में 02 भर्ती 18 खाली एवं करपा में 10 में 05 भर्ती 05 खाली हैं।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डां बीडी सोनवानी का कहना हैं कि कोविड के कारण थोड़ा प्रभावित हुआ हैं किन्तु अब मैदानी अमले को निर्देशित किया गया हैं कि कुपोषित बच्चों का पता लगाकर भर्ती करायें।

जिला महिला सशक्तीकरण अधिकारी मंजूशा शर्मा का कहना है कि इसके लिए मैदानी अमले को निर्देशित किया कर कुपोषित बच्चों को एनआरसी सेंटर तक लाकर चेक करा भर्ती करायें।

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