Action India

दिन चढऩे तक छाया रहा घना कोहरा आंधी-तूफान ने मचाया जमकर तांडव

दिन चढऩे तक छाया रहा घना कोहरा आंधी-तूफान ने मचाया जमकर तांडव
X
  • दिन चढ़ने तक छाया रहा घना कोहरा आंधी-तूफान ने मचाया जमकर तांडव

गुना । एक्शन इंडिया न्यूज़

पिछले तीन दिनों से मौसम में हो रहे बदलाव का क्रम गुुरुवार को भी जारी रहा। बीती देर शाम की तेज बारिश के बाद गुरुवार की सुबह कोहरे की चादर में लिपटी सामने आई। यह मौसम का पहला कोहरा रहा। जो दिन चढ़े तक छाया रहा और इतना घना था कि हाथ को हाथ सूझ नहीं पड़ रहा था। हालांकि मौसम में अपेक्षाकृत सर्दी नहीं थी। दिन के समय तो लोगों को गर्मी का एहसास भी करना पड़ा, वहीं अंचल में तेज हवा के साथ पानी का दौर देखने को मिला। इस दौरान राघौगढ़ क्षेत्र में आंधी-तूफान ने खलबली मचा दी। यहां आमल्या गांव में आंधी-तूफान ने जमकर तांडव मचाया। इस दौरान कहीं-कहीं ओले भी गिरे। मौसम विभाग का कहना रहा कि मौसम का जो हाल चल रहा है। उससे ऐसी स्थिति कहीं भी और कभी भी बन सकती है।

कोहरे की चादर में लिपटी आई सुबह

मौसम में गुरुवार की सुबह कोहरे की चादर में लिपटी सामने आई। लोग सुबह जब सोकर उठे तो उनका सामना घने कोहरे से हुआ। इस दौरान कोहरा इतना घना था कि थोड़ी सी दूर भी दिखाई नहीं दे रहा था। ओस की बूंदों से ऐसा लग रहा था कि जैसे बूंदाबांदी हुई है। समय निकलते कोहरा कम होना तो शुरु हुआ, किन्तु इसका असर दिन चढऩे तक बना रहा। इस दौरान लोगों को अपने वाहनों की लाइट जलाकर चलना पड़ा। गौरतलब है कि यह मौसम का पहला कोहरा था।

ओले, पानी, हवा और आंधी ने मचाई तबाही

जहां शहर में कोहरे का असर देखने को मिला तो ग्रामीण अंचल में तेज हवा के साथ पानी गिरा तो गरज-चमक भी हुई। इस बिगड़े मौसम का सबसे ज्यादा प्रभाव राघौगढ़ क्षेत्र के आमल्या में देखने को मिला। इस दौरान ओले, पानी, हवा और आंधी एक साथ चली। जिसने क्षेत्र में भारी तबाही मचाई। इससे जहां बड़े-बड़े पेड़ उखडक़र गिर पड़े तो बिजली के खंबे भी टूट गए। इसके साथ ही लोगों के घरों के टीन-टप्पर भी उड़ गए। राघौगढ़ को परसोलिया गांव से जोडऩे वाली सडक़ पर दर्जनों पेड़ गिरे। इस दौरान अशोक के घर की लोह की चद्दरें पतंग की तरह उड गई तो पूरनलाल कुशवाह के मकान में दरारें आ गई। धापूबाई भील का घर धंस गया। यहां तक की घर के कबेलू तक नही बच पाए। ओला-पानी से खेतों मे खड़ी गेहू-चना-धना और सरसो की फसल को भी नुकसान पहुँचा है।

Next Story
Share it