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किसान आक्रोश रैली में गहलोत की 'नो मास्क - नो एंट्री' को भूले कांग्रेसी

किसान आक्रोश रैली में गहलोत की नो मास्क - नो एंट्री को भूले कांग्रेसी
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उदयपुर । एक्शन इंडिया न्यूज़

केंद्र सरकार के किसान बिल के विरोध में बुधवार को राजस्थान के उदयपुर में यूथ कांग्रेस की ओर से किसान आक्रोश रैली निकाली गई। इसमें 50 ट्रैक्टर शामिल किए गए और इसे ट्रैक्टर रैली का नाम दिया गया। लेकिन, इस रैली में कांग्रेस के अपने ही नेता मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के मंत्र 'नो मास्क - नो एंट्री' को कांग्रेस कार्यकर्ता भूल गए। कोरोना से बचाव की दो गज दूरी तो नजर नहीं आई, हां कुछ सियासी दूरियों का जरूर अहसास हुआ।

रैली से पहले कोविड-19 की गाइड लाइन की पालना का वादा किया गया था, लेकिन कलेक्ट्रेट पहुंचे नेताओं व कार्यकर्ताओं की भीड़ में कहीं भी कोरोना बचाव को लेकर चिंता नहीं दिखाई दी। यहां तक कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मास्क भी उतार दिए थे। व्यवस्थाओं को संभालने के चक्कर में पुलिसकर्मियों का भी यही हाल देखा गया। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के 'नो मास्क - नो एंट्री' और पीएम नरेंद्र मोदी के 'जब तक दवाई नहीं तब ढिलाई नहीं' की अपील का भी कोई असर यहां नहीं देखा गया।

किसानों की रैली में बड़ी संख्या में गांव और शहर से किसानों सहित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शिरकत की। यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी के नेतृत्व में निकली इस रैली में मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए गए।

इस बीच, स्थानीय नेताओं के समर्थकों ने भी अपने-अपने नेताओं के समर्थन में ताकत दिखाने में कसर नहीं छोड़ी। पूर्व सांसद और सीडब्ल्यूसी सदस्य रघुवीर मीणा के समर्थकों ने उन्हें कंधों पर उठाकर नारेबाजी की तो देहात कांग्रेस के निवर्तमान जिलाध्यक्ष लालसिंह झाला के समर्थकों ने भी उनके पक्ष में जमकर नारे लगाए। कलेक्ट्रेट पर आयोजित सभा में सोनिया-राहुल-गहलोत के समर्थन में जमकर नारे लगे। पूर्व मंत्री मांगीलाल गरासिया, विवेक कटारा, यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष हिमांशु चौधरी सहित कई कांग्रेस पदाधिकारियों ने रैली का नेतृत्व किया।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किसान विरोधी मोदी सरकार को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया। रैली लवकुश स्टेडियम से शुरू होकर चेतक सर्कल, हाथीपोल, अश्विनी बाजार, देहलीगेट होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर सभा में तब्दील हो गई।

इस मौके पर राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास ने कहा कि कॉर्पोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने के लिए मोदी सरकार ने 80 करोड़ किसानों की कमर तोड़ दी है। यदि केंद्र सरकार ने जिद नहीं छोड़ी तो राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में कांग्रेस सरकारें इन बिलों के विरोध में बिल पारित करेंगी। उन्होंने मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि 28 करोड़ युवाओं की बेरोजगारी का कारण भी मोदी सरकार की नीतियां हैं। उन्होंने मीडिया पर भी आरोप लगाया कि पंजाब और हरियाणा में किसान क्या कर रहे हैं, यह मीडिया नहीं दिखा रहा है।

इससे पहले, रैली की इजाजत को लेकर सुबह कुछ देर तक प्रशासन और कांग्रेस नेताओं के बीच बातचीत चली। इजाजत नहीं मिलने के कारण ट्रैक्टरों व कार्यकर्ताओं को शहर की सीमा के बाहर ही रोक दिया गया था। बातचीत के बाद पचास ट्रैक्टर लाने की इजाजत दी गई, साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग की पालना की जाएगी।

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