Top
Action India

विवेकानंद योग यूनिवर्सिटी की कक्षाएं 24 अगस्त से, मास्टर ऑफ साइंस की दी जाएगी डिग्री

विवेकानंद योग यूनिवर्सिटी  की कक्षाएं 24 अगस्त से, मास्टर ऑफ साइंस की दी जाएगी डिग्री
X

लॉस एंजेल्स । एएनएन (Action News Network)

भारत से बाहर विश्व में पहली विवेकानंद योग यूनिवर्सिटी की ऑनलाइन शिक्षण-प्रशिक्षण की कक्षाएं 24 अगस्त से शुरू हो जाएंगी, जिसमें मास्टर आफ साइंस की डिग्री दी जाएगी। इसके लिए दुनिया भर से योग में मास्टर डिग्री के इच्छुक छात्र-छात्राओं ने पिछले अप्रैल माह में आवेदन करना शुरू कर दिया था।

यह यूनिवर्सिटी नार्वाक़, लॉस एंजेल्स (कैलिफ़ोर्निया) में यूनिवर्सिटी परिसर बनाया गया है। नासा में पूर्व वैज्ञानिक और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के योग गुरू डाक्टर एच.आर. नागेन्द्र ने इस यूनिवर्सिटी का विधिवत उद्घाटन किया। पद्मश्री डाक्टर नागेन्द्र बंगलुरू स्थित एस.व्यासा के अध्यक्ष भी हैं।

आर्ट आफ लिविंग फ़ाउंडेशन के श्री श्री रविशंकर और पतंजलि योगपीठ के स्वामी रामदेव ने उद्घाटन समारोह के अवसर पर शुभ संदेश भेजे हैं। 14 जून को हुए उद्घाटन समारोह में यूनिवर्सिटी आफ लॉस एंजेल्स में मेडिसिन विभाग के डॉक्टर श्री निवास रेड्डी तथा बाबू भाई गांधी, सनातन धर्म मंदिर के चेयरमैन मनसुख भाई कनेरिया, भिकू भाई पटेल सहित अनेक लोग मौजूद थे।

विवेकानंद योग यूनिवर्सिटी की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि 24 अगस्त से शुरू होने वाली ऑनलाइन कक्षाओं से एक सप्ताह पहले यूनिवर्सिटी स्थल पर एक प्रशिक्षण शिविर लगाया जाएगा। कैलिफ़ोर्निया ब्यूरो ऑफ प्राइवेट एंड पोस्ट सेकेण्डरी एजुकेशन ने मास्टर ऑफ साइंस का कोर्स चलाने और डिग्री देने की अनुमति दे दी है।

डॉक्टर नागेन्द्र ने वर्ष 1986 में पहली बार विवेकानंद योग यूनिवर्सिटी की परिकल्पना की थी। इसके लिए विवेकानंद योग रिसर्च अनुसंधान और फिर 1997 में योग ट्रेनिंग टीचर की कक्षाएं लगने लगी। इसमें 150 महिला और पुरुषों को ट्रेनिंग दी गई । शुरू में नार्वाक़ स्थित सनातन धर्म मंदिर में रविवार और फिर इसके इर्द-गिर्द मंदिरों में प्रतिदिन योग कक्षाएं लगने लगी।

वर्ष 2013 में विवेकानंद योग यूनिवर्सिटी के लिए आवेदन किया गया और चार साल बाद यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ कैलिफ़ोर्निया (लॉस एंजेल्स) ने योग यूनिवर्सिटी की अनुमति के साथ स्नातक की डिग्री के लिए अनुमति दे दी। शुरू में बंगलुरू स्थित एस.व्यासा से तीन साल की डिग्री और डिप्लोमा सर्टिफ़िकेट दिए गए। एक छात्रा विजया कावरी ने समीप के एक अस्पताल में योग के ज़रिए ‘उदर रोग निदान’ में निपुणता हासिल करने के लिए पीएचडी की डिग्री हासिल की।

Next Story
Share it