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100 वर्षीय 'कैप्टन टॉम' को नाइटहुड सम्मान

नई दिल्ली । एएनएन (Action News Network)

द्वितीय विश्व युद्ध में हिस्सा ले चुके 100 वर्षीय ब्रिटिश कैप्टन टॉम मूर को स्वास्थ्य सेवा के लिए लगभग 40 मिलियन डॉलर जुटाने के बाद नाइटहुड से सम्मानित किया जाएगा। ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कोरोनावायरस महामारी के दौरान उन्हें "प्रकाश की किरण" बताया था।

नाइटहुड के सम्मान के साथ "सर" की उपाधि मिलती है, जिसे औपचारिक रूप से रानी एलिजाबेथ द्वितीय द्वारा प्रदान किया जाएगा। मूर ने अप्रैल में अपने 100 वें जन्मदिन से पहले अपने बगीचे में 100 चक्कर चलने का लक्ष्य तय किया था। वह नेशनल हेल्थ सर्विस को दान के लिए 1,000 पाउंड (1,200 डॉलर) जुटाने की उम्मीद कर रहे थे। वह कैंसर और टूटे कूल्हे के इलाज के लिए एनएचएस को धन्यवाद देना चाहते थे।लेकिन उनके प्रयास ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोगों को प्रभावित किया। वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल के बीच एक दुर्लभ अच्छी खबर के रूप में कई लोगों ने पैसा दान करना शुरू कर दिया।

जॉनसन ने मंगलवार को नाइटहुड की घोषणा करते हुए कहा, "कर्नल टॉम के शानदार प्रयास ने धन उगाहने के रिकॉर्ड को तोड़ दिया। इन्होंने पूरे देश को प्रेरित किया और हम सभी को कोरोनावायरस के कोहरे के बीच प्रकाश की किरण प्रदान की। आपकी अविश्वसनीय कहानी से प्रेरित हुए सभी लोगों की ओर से मैं आपको बहुत धन्यवाद देना चाहता हूं। आप एक सच्चा राष्ट्रीय खजाना हैं।"

सेना ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान भारत और बर्मा में एक इंजीनियर के रूप में सेवारत मूर को उनके 100 वें जन्मदिन के मौके पर मानद कर्नल (पदोन्नत) प्रमोट किया गया था। मूर के प्रयासों और विनम्रता ने उनको राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्धि दिलाई। उनके नाम पर एक तेज गति वाली ट्रेन का नाम रखा गया और रॉयल एयर फोर्स के जेट विमानों ने 30 अप्रैल को उनके जन्मदिन के मौके पर फ्लाईपास्ट का प्रदर्शन किया।

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