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पंजाब से 1200 श्रमिको लेकर पहली स्पेशल ट्रेन पहुंची आजमगढ़

पंजाब से 1200 श्रमिको लेकर पहली स्पेशल ट्रेन पहुंची आजमगढ़
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आजमगढ़ । एएनएन (Action News Network)

विभिन्न प्रांतों में फंसे प्रवासी मजदूरों के घर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। गुरूवार को पहली स्पेशल ट्रेन प्रवासी मजदूरों को लेकर पटियाला से आजमगढ़ पहुंची। मजदूरों के चेहरे पर अपनों के बीच पहुंचने की चमक साफ दिखी। पूरा रेलवे स्टेशन क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील रहा। सभी मजदूरों को जांच के बाद घर भेजा जा रहा है।

सुबह दस बजे पंजाब के पटियाल से आजमगढ़ स्पेशल ट्रेन 1188 लोगों को लेकर पहुंचनी थी। नौ बजे ही डीएम-एसपी सहित जिले के आला अधिकारी व पुलिस तथा आरएफ के जवान स्टेशन पहुंच गए थे। प्लेटफार्म पर जांच काउंटर लगा दिया गया था। हर बोगी के लिए लेखपालों की ड्यूटी लगायी गयी थी। ट्रेन करीब दो घंटे की देरी से 12 बजे रेलवे स्टेशन पहुंची। ट्रेन की 22 बोगियों में 1188 श्रमिक सवार थे।

ट्रेन के पहुंचते ही लेखपाल ने सभी का नाम पता नोट किया। इसके बाद एक-एक कर सभी की स्क्रीनिंग की गयी। पहले से ही विभिन्न रूटों के लिए 47 रोडवेज बसें लगायी गयी थीं। जांच के बाद लोगों को बसों से उनके गंतव्य भेजा गया। मजदूरों में अपनों के बीच पहुंचने की खुशी साफ दिखी। इस दौरान उन्होंने लॉकडाउन का दर्द भी बयां किया।

सुरहन के रहने राम अशीष ने बताया कि लॉकडाउन में पंजाब सरकार द्वारा कोई व्यवस्था नहीं की गयी है। यहां तक कि गैस तक समाप्त होने के बाद नहीं मिली। भूखे रहने से अच्छा यही है कि किसी तरह अपनों के बीच पहुंच जाए। इसी बीच उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्रेन चलायी और हम आज जिले में आकर धन्य हो गये हैं।

वहीं गोपालगंज के निवासी राकेश बतातें है कि वह पंजाब में परेठा लगाने का काम करते थे। वे अपने पूरे परिवार के साथ वहां रहते थे। लाॅक डाउन के बाद वे फंस गये। पंजाब सरकार से कुछ मदद जरूर मिली लेकिन वे नाकाफी साबित हो थी। इसी बीच समाचार देखकर पता चला कि योगी जी दूसरे प्रदेश से लोगों ला रहे है। इसके बाद वे कंट्रोल रूम में फोन कर अपने और परिवार के बारे बताया। जिसके बाद आज वे ट्रेन से यहां पहुंचे है। रास्ते में खाने पीने के बारे में उन्होंने बताया हमारे पास तो बच्चे भी थे। लेकिन ट्रेन में लंच पैकेट के साथ ही बच्चों को बिस्कुट भी उपलब्ध कराया गया।

जिलाधिकारी नागेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि पटियाला से 1188 मजदूर आये हैं। इसमें तीन अंबेडकरनगर व चार जौनपुर के हैं। बाकि सभी आजमगढ़ के रहने वाले हैं। इन्हें जांच के बाद 47 बसो से घर भेजा जा रहा है। अगर कोई संदिग्ध मिलता है तो उसे होम अथवा अस्पातल में एकांतवास किया जाएगा। सभी मजदूरों को राशन किट भी उपलब्ध करायी जा रही है। ये घर में ही रहे इसके लिए दो पड़ोसी, ग्राम प्रधान, आशा कार्यकत्रियों के साथ पुलिस को भी लगाया गया है। इनके घरों के बाहर घरेलू एकांतवास का नोटिस भी चस्पा रहेगा। अगर किसी को दिक्कत होती है तो उसके लिए इन्हे स्वास्थ्य विभाग और कंट्रोल रूम का नम्बर दिया गया है। फोन करते ही मौके पर स्वास्थ्य विभाग टीम पहुंचेगी और आइसोलेट कर जांच की जायेगी।

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