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केजीएमयू लैब में 16 नये मामलों में कोरोना वायरस की पुष्टि

केजीएमयू लैब में 16 नये मामलों में कोरोना वायरस की पुष्टि
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  • उप्र के 37 जनपद कोरोना वायरस की चपेट में

लखनऊ। एएनएन (Action News Network)

प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा होने का सिलसिला जारी है। संक्रामक रोग निदेशालय की रिपोर्ट के अनुसार प्रदश के 75 जनपदों में से अब ये 37 जनपदों को अपनी चपेट में ले चुका है।राजधानी के किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय की लैब में मंगलवार सुबह जारी सैंपल रिपोर्ट में 36 में से 16 लोगों में कोरोना वायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई है। इनमें केजीएमयू में भर्ती लखनऊ का ढाई वर्ष का बच्चा भी है। लखनऊ में आज एक नया मामला सामने आया है, जबकि एक केस आजमगढ़ का भी है। इसके साथ ही बाकी के 13 पॉजिटिव लोग ताजनगरी आगरा के हैं। हालांकि आगरा प्रशासन ने अभी पुष्टि नहीं की है, क्योंकि प्रशासन को यह रिपोर्ट नहीं मिली है।

मंगलवार की रिपोर्ट में आजमगढ़ के शिवालिक हॉस्पिटल में भर्ती 60 वर्षीय बुजुर्ग, लखनऊ के केजीएमयू में भर्ती ढाई वर्षीय बालक तथा चंदन हॉस्पिटल लखनऊ में भर्ती 36 वर्षीय महिला बतायी जा रही है। इनके अलावा अन्य 13 मामले आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती लोगों के हैं। इनमें दस पुरुष तथा तीन महिलाएं हैं। इन सभी के नमूने सोमवार रात में मिले थे।
वहीं कोरोना के लगातार बढ़ते मामलों का असर अन्य बीमारियों के इलाज पर भी पड़ रहा है। अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी के मुताबिक अभी कोरोना पेशेंट हमारी प्राथमिकता हैं। जो भी इलाज टल सकते हैं उन्हें टाला जा रहा है।

जो इमरजेंसी केसेज हैं, वह देखे जा रहे हैं। यदि सामान्य मरीजों को देखने के लिए हाॅस्पिटल्स को खोला गया तो कोरोना के फैलने का बहुत बड़ा खतरा हो सकता है।अपर मुख्य सचिव के मुताबिक देश में किसी भी धर्मस्थल या किसी भी स्थान पर कोई भी व्यक्ति ऐसा रह गया है जिसकी तबीयत खराब है, या संदिग्ध है, अथवा किसी बीमार व्यक्ति के सम्पर्क में रहे हैं तो वह सामने आएं विलम्ब न करें। क्योंकि जितना विलम्ब करेंगे, उतना ही कोविड से बाहर निकलने में कठिनाई होगी।

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