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रायगढ़ से आए 1600 प्रवासी श्रमिक, स्टेशन पर महिला को उठा प्रसव पीड़ा, अस्पताल में दिया पुत्र को जन्म

रायगढ़ से आए 1600 प्रवासी श्रमिक, स्टेशन पर महिला को उठा प्रसव पीड़ा, अस्पताल में दिया पुत्र को जन्म
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मेदिनीनगर । एएनएन (Action News Network)

अपने गांव लौट कर अच्छा लग रहा है। महाराष्ट्र में केमिकल फैक्ट्री में काम करने वाले बोकारो के सपन रॉय जब अपने घर झारखण्ड लौटे तो उनके चेहरे पर मुस्कान थी। उन्होंने बताया कि लॉक डाउन के दौरान काम बंद हो जाने से वे महाराष्ट्र में फंस गए थे। उन्होंने कहा कि सरकार के द्वारा उठाए गए इस कदम से अपने घर लौटने पर मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। केंद्र और राज्य सरकार के पहल के पश्चात लॉक डाउन के दौरान पनवेल में फंसे झारखण्ड के विभिन्न जिलों के 1600 मजदूर आज स्पेशल श्रमिक ट्रेन के माध्यम से पनवेल से डाल्टनगंज स्टेशन पहुंचे।

रायगढ़ से यहां आने वाले सभी मजदूरों को सर्वप्रथम ट्रैन से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए उतारा गया एवं स्टेशन परिसर में स्वास्थ्य परीक्षण हेतु बने काउंटर में उनका थर्मल स्कैनिंग व स्वास्थ्य जांच संबंधी अन्य सभी प्रक्रिया पूरी की गई। राज्य के 23 जिलों के कुल 1600 लोग आए जिनमें पलामू - 174, गढ़वा - 164, सिमडेगा - 37, पश्चिमी सिंहभूम 30, हजारीबाग 258, रांची 45, बोकारो 219, पूर्वी सिंहभूम 78, कोडरमा 53, चतरा 56, देवघर 35, धनबाद 38, गिरिडीह 142, गुमला 18, दुमका 35, साहेबगंज 55, सरायकेला- 3, लातेहार 08, लोहरदग्गा 08, रामगढ़ 49, जामताड़ा 7, गोड्डा 53, खूंटी 35 शामिल हैं।

महाराष्ट्र से लौटी बोकारो के गोमिया प्रखंड की रूपा कुमारी स्टेशन पर ही अचानक प्रसव की पीड़ा से परेशान हो गयी। रेलवे और जिला प्रशासन की टीम ने तुरंत महिला को अस्पताल पहुंचाया जहां महिला ने अहले सुबह सुरक्षित रूप से पुत्र को जन्म दिया। जिला समाज कल्याण पदाधिकारी-सह-सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा आफताब आलम द्वारा जानकारी दी गई कि पनवेल से आने वाले सभी श्रमिक भाइयों को होम क्वारंटाइन में भेजा जाएगा। जहां उन्हें 14 दिनों तक होम क्वारंटाइन का अक्षरशः पालन करना अनिवार्य होगा।

उन्होंने बताया कि पनवेल से यहां आने वाले सभी मजदूरों एवं यहां के लोगों के स्वास्थ्य सुरक्षा के दृष्टिकोण से जिला प्रशासन द्वारा सभी एहतियाती उपाय अपनाये गए हैं। इसलिए किसी भी व्यक्ति को घबराने या पैनिक होने की कोई आवश्यकता नहीं है। डाल्टनगंज स्टेशन परिसर में पर्याप्त संख्या में चिकित्सकों की टीम के साथ दण्डाधिकारी एवं सुरक्षाकर्मियों की तैनाती पूर्व से ही की गई थी।

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