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अल-फलाह यूनिवर्सिटी में छापेमारी: 4 जमाति हिरासत में, पुलिस की कार्रवाई जारी

फरीदाबाद 
फरीदाबाद में 2900 किलोग्राम विस्फोटक बरामद होने के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच के सिलसिले में पुलिस ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी में छापेमारी की है। यूनिवर्सिटी परिसर और आसपास के इलाकों में भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात किया गया है। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी डॉक्टर डॉ. आदिल अहमद राठर, डॉ. मुजम्मिल अहमद गनई उर्फ मुजम्मिल शकील, और डॉ. शाहीन शाहिद का संबंध इसी यूनिवर्सिटी से बताया जा रहा है।

गल्फ फंडिंग से जुड़ी यूनिवर्सिटी पर जांच की नजर
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अल-फलाह यूनिवर्सिटी गल्फ देशों से मिलने वाली फंडिंग से संचालित होती है। विस्फोटक मिलने के बाद से यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। जांच में यह भी सामने आया है कि फरीदाबाद के धौज और फतेहपुर तगा क्षेत्रों के दो घरों से बरामद विस्फोटक एक तथाकथित ‘व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल’ का हिस्सा बताया जा रहा है।

'व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल' क्या है?
सूत्रों के मुताबिक, इस मॉड्यूल में ऐसे शिक्षित और सम्मानित लोगों को शामिल किया जाता है, जिन पर सामान्यतः शक नहीं किया जा सकता। इसी रणनीति के तहत डॉक्टरों को भी इसमें शामिल किए जाने की आशंका जताई जा रही है।

4 जमातियों को हिरासत में लिया गया
पुलिस ने फरीदाबाद के फतेहपुर तगा गांव की मस्जिदों में भी तलाशी ली है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तार डॉ. मुजम्मिल शकील नियमित रूप से तगा मस्जिद में नमाज पढ़ने आता था। इसके साथ ही पुलिस ने जम्मू-कश्मीर, तमिलनाडु और नूंह से आए जमातियों से पूछताछ की है। जांच के दौरान शक के आधार पर चार जमातियों को हिरासत में लिया गया है। उनके मोबाइल से मिली वॉट्सऐप चैट्स की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों से भी समन्वय किया जा रहा है।

 

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