धर्म-आस्था

घर में धन वृद्धि के लिए किस दिशा में क्या रखें? जानें वास्तु उपाय

भारत में वास्तुशास्त्र को सदियों से समृद्धि और सौभाग्य का विज्ञान माना गया है। घर में वस्तुओं की सही दिशा और सही स्थान न सिर्फ सकारात्मक ऊर्जा लाता है, बल्कि धन के प्रवाह को भी बढ़ाता है। यदि घर में बार-बार आर्थिक बाधाएं आएं या प्रयास का फल न मिले, तो इसका कारण वास्तुदोष भी हो सकता है। ऐसे में कुछ विशेष वस्तुओं का सही दिशा में स्थान परिवार में मां लक्ष्मी का वास बनाए रखता है।

स्वस्तिक – सौभाग्य और धन का शक्तिशाली प्रतीक
स्वस्तिक को वैदिक ग्रंथों में शुभता, उन्नति और दिव्य ऊर्जा का प्रतीक कहा गया है। घर के मुख्य द्वार, पूजा स्थान या आंगन में स्वस्तिक बनाने से सकारात्मक तरंगें सक्रिय होती हैं।
सही दिशा: ईशान कोण (उत्तर-पूर्व)
उत्तर दिशा: इन दिशाओं में स्वस्तिक लगाने से घर में सौभाग्य और धन का प्रवाह बढ़ता है।

पीतल या तांबे की घंटी – नकारात्मकता दूर करती है
हिंदू पूजा की परंपरा में घंटी बजाना अत्यंत शुभ माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, इसकी ध्वनि से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में दिव्य कंपन फैलती है।
सही दिशा: पूजा कक्ष के उत्तर-पूर्व या उत्तर भाग में घंटी टांगें। यह दिशा समृद्धि और शुद्धता का केंद्र मानी गई है।

शंख – धन और सौभाग्य का प्रतीक
शंख भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का प्रतीक है। घर में शंख रखने से धन वृद्धि, सफलता और शांति आती है।
सही स्थान: पूजा घर के ईशान कोण में विष्णु या लक्ष्मी जी की मूर्ति के दाहिने तरफ यह स्थान धनलाभ और सौभाग्य के योग को प्रबल करता है।

पानी से भरा कलश – समृद्धि का स्रोत
कलश को घर में स्थापित करना शुभता और स्थिरता लाता है। जल तत्व संतुलित रहने से मानसिक स्पष्टता और आर्थिक उन्नति होती है।
सही दिशा: उत्तर
उत्तर-पूर्व (ईशान कोण): यह दिशा जल तत्व को सक्रिय कर धन से जुड़ी बाधाएं कम करती हैं।

तुलसी का पौधा – परिवार में सुख और लक्ष्मी का वास
तुलसी को देवी स्वरूप माना गया है। इसके घर में होने से नकारात्मक शक्तियां दूर रहती हैं और स्वास्थ्य व धन दोनों में वृद्धि होती है।
उत्तम दिशा: उत्तर, पूर्व और उत्तर-पूर्व

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