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पंजाब के 14 गांव सड़क पर उतरेंगे! पंचायतों का बड़ा फैसला—10 दिसंबर को पूरा क्षेत्र रहेगा जाम

मोहाली 
नगर निगम की सीमाओं के विस्तार के फैसले के विरोध में 14 गांवों की पंचायतों ने गांव मौली बैदवाण में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बड़ा ऐलान किया। पंचायतों ने साफ कहा कि सरकार ने पंचायतों से बिना सलाह लिए गांवों को निगम में शामिल कर एक तानाशाही आदेश जारी किया है, जिसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा। पंचायत प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार नोटिफिकेशन वापस नहीं लेती, तो वे 10 दिसंबर को हलके के सभी गांवों की पंचायतों को साथ लेकर एयरपोर्ट रोड जाम करेंगे। उन्होंने जरूरत पड़ने पर अदालत का दरवाजा खटखटाने का भी फैसला किया। पंचायतों ने आरोप लगाया कि निगम में शामिल होने से गांवों पर अनावश्यक टैक्सों का बोझ बढ़ेगा और ग्रामीण बुनियादी ढांचा पूरी तरह नष्ट हो जाएगा।

सरपंचों ने कहा कि विकास के नाम पर गांवों की जमीन और अधिकार छीने जा रहे हैं। यदि गांवों को नगर निगम में शामिल किया गया, तो घर टैक्स, पानी और सीवरेज टैक्स का सीधा बोझ गांववासियों की जेबों पर पड़ेगा। अभी तक पंचायतों द्वारा दी जाने वाली कई सेवाएं मुफ्त या बेहद कम कीमत पर मिलती थीं, लेकिन निगम क्षेत्र में शामिल होने के बाद पानी, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट और सफाई शुल्क काफी बढ़ जाएंगे। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि मटौर गांव को 30 साल पहले नगर निगम में शामिल किया गया था, लेकिन आज भी वहां सफाई व्यवस्था खराब है, कई इलाकों में सीवरेज ओवरफ्लो होता है और बरसाती पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। अन्य गांवों में भी यही स्थिति है।

सरपंचों ने कहा कि गांवों के लोग डेयरी फार्मिंग से अपना घर चलाते हैं, लेकिन निगम क्षेत्र में शामिल होने के बाद पशु रखने पर रोक लग जाएगी, जिससे बेरोजगारी बढ़ेगी। आजादी के 7 दशक बाद भी कई गांवों में कच्चे घर हैं। पंचायत की ओर से उन्हें घर बनाने के लिए मिलने वाली ग्रांट भी निगम में शामिल होने के बाद बंद हो जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार गांवों को अपने साथ जोड़कर करोड़ों रुपये की जमीन पर कब्जा करना चाहती है, लेकिन ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। इसी संबंध में वे विधायक कुलवंत सिंह से भी मिले, जिन्होंने आश्वासन दिया कि 2 दिनों में मसले का समाधान किया जाएगा, अन्यथा पंचायतें अदालत जाएंगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौली बैदवाण के सरपंच गुरसेवक सिंह, संभालकी के गौरव शर्मा, बल्लोमाजरा के गुरजिंदर सिंह, नानूमाजरा के संदीप सिंह, बलौंकी के सतनाम सिंह, चप्पड़चिड़ी कलां के जस्स हुंदल, चिल्ला के अमेरिक सिंह, रुड़का की किरणदीप कौर, चप्पड़चिड़ी खुर्द की हरजीत कौर, लांडरा के जसप्रीत सिंह, कम्बाला के अजीत संधू, लखनौर की कुलदीप कौर और नानूमाजरा के पलविंदर सिंह मौजूद थे। 

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