अन्य राज्यपंजाब

पंजाब चुनाव 2027 से पहले SIR की तैयारी, BLO को 5 दिन का समय; 12 राज्यों में 6.59 करोड़ वोटर प्रभावित

लुधियाना/चंडीगढ़ 
 पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूचियों को पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने के लिए निर्वाचन आयोग ने कमर कस ली है। राज्य में फरवरी और मार्च के महीने में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान चलाया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य मतदाता सूचियों से फर्जी नाम हटाना और योग्य मतदाताओं के विवरण को अपडेट करना है। CEO पंजाब के सख्त निर्देश : सुधारें 'इलेक्टोरल मैपिंग परसेंट' पंजाब के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर (CEO) ने राज्य के सभी जिला चुनाव अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन पोलिंग बूथों पर 'इलेक्टोरल मैपिंग परसेंट' 50 फीसदी से कम है, वहां तत्काल सुधार किया जाए।
क्या है इलेक्टोरल मैपिंग परसेंट? इसका अर्थ है कि मतदाता सूची में दर्ज लोगों का विवरण (नाम, पता, उम्र, फोटो) डिजिटल सिस्टम से कितना सही तरह से जुड़ा और सत्यापित है। यह प्रतिशत जितना अधिक होगा, मतदाता सूची उतनी ही सटीक मानी जाएगी।

SIR के लिए पंजाब CEO ने 2 बड़ी हिदायतें दीं..

    इलेक्टोरल मैपिंग परसेंट सुधारें: CEO पंजाब ने जिला चुनाव अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिन पोलिंग बूथों पर इलेक्टोरल मैपिंग परसेंट 50 फीसदी से कम है उनकी मतदाता सूचियों की गलियों तो ठीक करवाएं और उनका मैपिंग परसेंट सुधारें। SIR से शुरू होने से पहले मतदाता सूचियों को ज्यादा से ज्यादा करेक्ट करवा दें।

    BLO को 5 दिन का टाइम: BLO आज यानी 30 जनवरी से 3 फरवरी तक मतदाता सूचियों की गलतियों को ठीक करेंगे। इसके लिए उन्हें पांच दिन के लिए उनके डिपार्टमेंट से रिलीव कर दिया गया है। इन पांच दिनों में बीएलओ उन गलतियों को ठीक करेंगे जो उन्होंने रंगीन मतदाता सूची बनाते समय की थी। BLO ने कुछ मतदाताओं की ब्लैक एंड वाइट फोटो लगाई तो कुछ की फोटो सूचियों में ब्लर हैं। इसके अलावा कुछ फोटो तिरछी लगी हैं। नाम व अन्य जानकारियां भरते समय टाइपिकल गलतियां हैं। बीएलओ को इन पांच दिनों में ये सभी गलतियां दूर करनी हैं।

इस बारे में राष्ट्रीय चुनाव आयोग (ECI) ने एक दिन पहले सभी राज्यों से वर्चुअल मीटिंग में पंजाब में SIR फरवरी मार्च में शुरू करने की बात कही। केंद्रीय चुनाव आयोग की हिदायत के बाद सीईओ पंजाब ने मतदाता सूचियों की गड़बड़ी को ठीक करने के आदेश दे दिए हैं।

इससे पहले 12 राज्यों-केंद्रशासित प्रदेशों में SIR का पहला फेज कंप्लीट हो चुका है। जिसमें 6.59 करोड़ वोटरों के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हट गए हैं।

इलेक्टोरल मैपिंग परसेंट क्या होता है, जानिए इलेक्टोरल मैपिंग परसेंट से पता चलता है कि किसी क्षेत्र की मतदाता सूची में से कितने मतदाताओं का विवरण सही तरीके से वैरिफाइड और डिजिटल सिस्टम से जोड़ा जा चुका है। इसमें मतदाता का नाम, पता, उम्र, फोटो और संबंधित मतदान केंद्र की सही मैपिंग शामिल होती है। यह प्रतिशत जितना अधिक होता है, मतदाता सूची उतनी ही ठीक और भरोसेमंद मानी जाती है। कम इलेक्टोरल मैपिंग प्रतिशत का अर्थ है कि सूची में गलतियां मौजूद हैं। इसी कारण चुनाव आयोग समय-समय पर SIR करवाकर मतदाता सूचियों को सुधारता है।

मैपिंग परसेंट बढ़ाने पर फोकस लुधियाना के अतिरिक्त जिला चुनाव अफसर व ADC राकेश कुमार ने कहा कि SIR का उद्देश्य नए योग्य मतदाताओं के नाम जोड़ना, मृत या ट्रांसफर हो चुके मतदाताओं के नाम हटाना और डुप्लीकेट एंट्री को साफ करना है। अभी मैपिंग परसेंट बढ़ाने पर फोकस किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूचियों में जो टाइपिंग की गलतियां हैं या फिर फोटो सही नहीं लगे हैं उनको ठीक किया जा रहा है।

12 राज्यों में SIR हुआ, वोटर्स की ड्राफ्ट लिस्ट में 13% वोटर घटे 2 राज्यों में SIR का पहला फेज खत्म हो गया। वोटर लिस्ट को दुरुस्त करने के लिए 28 अक्टूबर, 2025 से शुरू हुई मुहिम 2 महीने 11 दिन चली। SIR से पहले इन राज्यों में 50.97 करोड़ मतदाता थे। वैरिफिकेशन के बाद 44.38 करोड़ रह गए। करीब 6.59 करोड़ मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हट गए हैं। यह 12 राज्यों के कुल मतदाताओं का 12.93% है, यानी हर 100 वोटर्स पर करीब 13 नाम कट गए। हालांकि ये फाइनल लिस्ट नहीं है, जिन लोगों के नाम कटे हैं, वे दावे-आपत्तियां कर सकते हैं। फॉर्म 6 या 7 भरकर नाम जुड़वा सकते हैं।

BLO को मिला 5 दिन का विशेष जिम्मा
मतदाता सूचियों में सुधार के लिए बीएलओ (BLO) को उनके मूल विभागों से 5 दिनों के लिए रिलीव किया गया है। 3 फरवरी तक चलने वाले इस अभियान में बीएलओ गलतियों को ठीक करेंगे।

फोटो सुधार : ब्लैक एंड व्हाइट, धुंधली (Blur) या तिरछी लगी फोटो को बदला जाएगा।
टाइपिंग त्रुटियां : नाम, पिता का नाम या पते में हुई स्पेलिंग की गलतियों को दुरुस्त किया जाएगा।
रंगीन सूचियां : नई रंगीन मतदाता सूचियों में आ रही तकनीकी दिक्कतों को दूर करना।

फर्जी वोटों पर चलेगी कैंची
SIR प्रक्रिया के दौरान मृत व्यक्तियों, शहर छोड़कर जा चुके लोगों और एक ही व्यक्ति के दो जगह बने (डुप्लीकेट) वोटों को हटाया जाएगा। इससे चुनाव के दौरान होने वाली धांधली की गुंजाइश खत्म होगी।

मतदाता खुद भी कर सकते हैं जांच
निर्वाचन आयोग ने आम जनता से भी अपील की है कि वे आयोग की आधिकारिक वेबसाइट electoralsearch.eci.gov.in पर जाकर अपना नाम चेक करें।
यदि नाम नहीं है, तो फॉर्म-6 भरकर आवेदन करें।
यदि विवरण में गलती है, तो फॉर्म-8 के जरिए सुधार करवाएं।
अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी राकेश कुमार के अनुसार, वर्तमान में पूरा फोकस टाइपिंग और फोटो संबंधी त्रुटियों को सुधारकर मैपिंग प्रतिशत बढ़ाने पर है, ताकि आगामी चुनावों के लिए एक विश्वसनीय डेटाबेस तैयार किया जा सके।

1. राजस्थान: 41.85 लाख वोटर्स के नाम कटे राजस्थान में SIR की ड्राफ्ट लिस्ट में 41.85 लाख वोटर्स के नाम काटे गए हैं। ड्राफ्ट लिस्ट से पहले राज्य में 5.48 करोड़ थे, ड्राफ्ट लिस्ट में 5.06 करोड़ वोटर्स का नाम शामिल किया गया।

काटे गए वोटर्स का प्रतिशत 7.6 है, यानी हर 100 से में लगभग 8 वोटर्स का नाम हटाया गया है। हालांकि, 41.85 लाख वोटर्स में से 8.75 लाख मृत पाए गए, 3.44 लाख डुप्लीकेट या फर्जी थे, तो वहीं 29.6 लाख वोटर्स शिफ्ट, लापता और अन्य थे।

2. उत्तर प्रदेश: 2.89 करोड़ वोटर्स के नाम काटे गए उत्तर प्रदेश में SIR की ड्राफ्ट लिस्ट में 2.89 करोड़ नाम कट गए हैं। ड्राफ्ट लिस्ट से पहले राज्य में 15.44 करोड़ थे, ड्राफ्ट लिस्ट में 12.55 करोड़ वोटर्स का नाम शामिल किया गया।

काटे गए वोटर्स का प्रतिशत 18.72 है, यानी हर 100 से में लगभग 19 वोटर्स का नाम हटाया गया है। हालांकि, 2.89 करोड़ वोटर्स में से 46.23 लाख मृत पाए गए, 25.47 लाख डुप्लीकेट या फर्जी थे, तो वहीं 2.17 करोड़ वोटर्स शिफ्ट, लापता और अन्य थे।

3. मध्य प्रदेश: 42.74 लाख वोटर्स के नाम काटे गए मध्य प्रदेश में SIR की ड्राफ्ट लिस्ट में 42.74 लाख नाम कट गए हैं। ड्राफ्ट लिस्ट से पहले राज्य में 5.74 करोड़ थे, ड्राफ्ट लिस्ट में 5.31 करोड़ वोटर्स का नाम शामिल किया गया।

काटे गए वोटर्स का प्रतिशत 7.44 है, यानी हर 100 से में लगभग 7 वोटर्स का नाम हटाया गया है। हालांकि, 42.74 लाख वोटर्स में से 8.46 लाख मृत पाए गए, 2.77 लाख डुप्लीकेट या फर्जी थे, तो वहीं 31.51 लाख वोटर्स शिफ्ट, लापता और अन्य थे।

4. पश्चिम बंगाल: 58.20 लाख वोटर्स के नाम काटे गए पश्चिम बंगाल में SIR की ड्राफ्ट लिस्ट में 58.20 लाख नाम कट गए हैं। ड्राफ्ट लिस्ट से पहले राज्य में 7.66 करोड़ थे, ड्राफ्ट लिस्ट में 7.08 करोड़ वोटर्स का नाम शामिल किया गया।

काटे गए वोटर्स का प्रतिशत 7.6 है, यानी हर 100 से में लगभग 8 वोटर्स का नाम हटाया गया है। हालांकि, 58.20 लाख वोटर्स में से 24.17 लाख मृत पाए गए, 1.38 लाख डुप्लीकेट या फर्जी थे, तो वहीं 32.65 लाख वोटर्स शिफ्ट, लापता और अन्य थे।

5. गुजरात: 73.73 लाख वोटर्स के नाम काटे गए गुजरात में SIR की ड्राफ्ट लिस्ट में 73.73 लाख नाम कट गए हैं। ड्राफ्ट लिस्ट से पहले राज्य में 5.08 करोड़ थे, ड्राफ्ट लिस्ट में 4.34 करोड़ वोटर्स का नाम शामिल किया गया।

काटे गए वोटर्स का प्रतिशत 14.52 है, यानी हर 100 से में लगभग 15 वोटर्स का नाम हटाया गया है। हालांकि, 73.73 लाख वोटर्स में से 18.07 लाख मृत पाए गए, 3.81 लाख डुप्लीकेट या फर्जी थे, तो वहीं 51.85 लाख वोटर्स शिफ्ट, लापता और अन्य थे।

6. तमिलनाडु: 97 लाख वोटर्स के नाम काटे गए तमिलनाडु में SIR की ड्राफ्ट लिस्ट में 97 लाख नाम कट गए हैं। ड्राफ्ट लिस्ट से पहले राज्य में 6.41 करोड़ थे, ड्राफ्ट लिस्ट में 5.44 करोड़ वोटर्स का नाम शामिल किया गया।

काटे गए वोटर्स का प्रतिशत 15.13 है, यानी हर 100 से में लगभग 15 वोटर्स का नाम हटाया गया है। हालांकि, 97 लाख वोटर्स में से 26.95 लाख मृत पाए गए, 3.34 लाख डुप्लीकेट या फर्जी थे, तो वहीं 66.7 लाख वोटर्स शिफ्ट, लापता और अन्य थे।

7. छह राज्यों में लगभग 55 लाख नाम कटे ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में अन्य 6 राज्यों में भी बड़ी संख्या में नाम काटे गए हैं। छत्तीसगढ़ में 2.12 करोड़ में से 27.34 लाख(12.9%) नाम कटे , अब 1.85 करोड़ वोटर हैं। केरल में 2.78 करोड़ में से 24.08 लाख(8.66%) नाम हटे , ड्राफ्ट में 2.54 करोड़ वोटर बचे।

इधर, गोवा में 11.85 लाख वोटरों में से 1.01 लाख यानी 8.52% नाम कटे। अब वोटर 10.84 लाख रह गए। पुडुचेरी में 10.21 लाख में से 1.03 लाख यानी 10.09% नाम हटे, अब 9.18 लाख वोटर बचे।

उधर, लक्षद्वीप में असर कम रहा। 58 हजार में से 1.6 हजार नाम कटे (2.79%), अब 56.4 हजार वोटर हैं। अंडमान-निकोबार में 3.10 लाख में से 64 हजार नाम हटे (8.66%), अब 2.46 लाख वोटर रह गए।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button