
Valentine’s Day पर AI लव स्कैम का अलर्ट: ‘लैला-मजनू’ बनकर ठग रहे शातिर, सावधान रहें!
नई दिल्ली
वैलेंटाइन डे (Valentine's Day) के नजदीक आते ही जहां चारों तरफ प्यार की चर्चा है वहीं साइबर अपराधी भी हनी ट्रैप का जाल बिछाकर सक्रिय हो गए हैं। इस साल सबसे बड़ी चुनौती AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) बनकर उभरी है। एक्सपर्ट्स का दावा है कि स्कैमर्स अब AI की मदद से इतने असली दिखने वाले प्रोफाइल बना रहे हैं कि एक आम यूजर के लिए धोखे को पहचानना लगभग नामुमकिन हो गया है।
AI के जरिए कैसे बुना जा रहा है इश्क का जाल?
अब स्कैमर्स केवल फोटो ही नहीं बल्कि आपकी भावनाओं से खेलने के लिए एडवांस्ड तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं:
नेचुरल चैटिंग: टेक्स्ट-जनरेशन टूल्स (जैसे ChatGPT) का उपयोग कर स्कैमर्स आपकी भाषा और पसंद-नापसंद के हिसाब से बिल्कुल इंसानी लहजे में बात करते हैं।
वॉइस क्लोनिंग: स्कैमर्स सिर्फ एक छोटे ऑडियो सैंपल से किसी की भी आवाज कॉपी कर लेते हैं। आपको लगेगा कि आप अपने पार्टनर से फोन पर बात कर रहे हैं लेकिन वह एक मशीन होगी।
डीपफेक वीडियो: वीडियो कॉल पर भी अब भरोसा करना मुश्किल है। डीपफेक के जरिए स्कैमर्स किसी और का चेहरा लगाकर आपसे बात कर सकते हैं।
स्कैम पहचानने के Red Flags
साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स के अनुसार रोमांस स्कैम में अक्सर ये पैटर्न देखे जाते हैं। इनकी तस्वीरें किसी मॉडल जैसी दिखेंगी और प्रोफाइल एकदम परफेक्ट लगेगा। ये लोग बहुत जल्दी इमोशनल बातें शुरू कर देते हैं और शादी या गहरे रिश्ते के सपने दिखाने लगते हैं। जब भी आप आमने-सामने मिलने की बात करेंगे ये कोई न कोई बहाना (जैसे- दूसरे शहर में नौकरी या विदेश यात्रा) बनाकर टाल देंगे। अंत में बात हमेशा किसी इमरजेंसी, बीमारी या शानदार इन्वेस्टमेंट स्कीम पर आकर रुकेगी।
वर्चुअल प्यार के इस दौर में इन तरीकों से अपनी सुरक्षा करें:
वीडियो कॉल पर हेड टेस्ट: अगर आपको वीडियो कॉल पर शक हो, तो सामने वाले को अपना सिर चारों तरफ घुमाने या चेहरे के आगे हाथ हिलाने को कहें। अगर वह डीपफेक होगा, तो वीडियो के पिक्सल फट जाएंगे या चेहरा अजीब दिखने लगेगा।
निजी जानकारी न दें: अपनी बैंक डिटेल्स, ओटीपी या प्राइवेट फोटोज किसी अजनबी के साथ शेयर न करें।
पैसे भेजने से बचें: चाहे कितनी भी बड़ी इमरजेंसी बताई जाए जिस व्यक्ति से आप कभी मिले नहीं हैं उसे एक रुपया भी न भेजें।
रिवर्स इमेज सर्च: पार्टनर की फोटो को गूगल पर 'रिवर्स इमेज सर्च' करके देखें कि कहीं वह फोटो इंटरनेट से चुराई गई तो नहीं है।




