
पंजाब निकाय चुनाव: 103 निकायों के 1896 वार्डों में मतदान जारी, संवेदनशील बूथों पर कड़ी सुरक्षा
चंडीगढ़.
पंजाब में मंगलवार सुबह 8 बजे से निकाय चुनाव के लिए मतदान शुरू हो गया है। राज्य के आठ नगर निगम, 75 नगर कौंसिल और 20 नगर पंचायत सहित कुल 103 निकायों के 1896 वार्डों में मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। चुनाव को लेकर पूरे राज्य में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है।
अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने इंटरनेट मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर पंजाब में चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम और नगर काउंसिल चुनावों के दौरान बड़ी संख्या में वोटरों को मतदान केंद्रों तक पहुंचने से रोका गया तथा विपक्षी उम्मीदवारों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। पंजाब निकाय चुनाव में मतदान जारी है। सुबह 10:30 बजे तक कुल 14.5 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई। अमृतसर जिले में सुबह 10 बजे तक नगर काउंसिल रमदास में 29%, जंडियाला गुरु में 15% और मजीठा में 14.1% मतदान दर्ज किया गया। लुधियाना जिले में सुबह 10 बजे तक कुल 15.07 प्रतिशत मतदान हुआ। दोराहा में 16.21%, जगराओं में 11.09%, खन्ना में 14%, पायल में 19.15%, रायकोट में 17.42% और समराला में 16.40% मतदान दर्ज किया गया।
पंजाब कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग पत्नी अमृता वड़िंग के साथ बैलगाड़ी पर सवार होकर मुक्तसर के वार्ड नंबर पांच में वोट डालने पहुंचे। महंगाई के खिलाफ सांकेतिक विरोध जताते हुए उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल के दाम इस कदर बढ़ गए हैं कि आम आदमी के लिए गाड़ी चलाना मुश्किल हो गया है। भाजपा के जिला अध्यक्ष और पूर्व विधायक दीदार सिंह भट्टी ने पोलिंग स्टेशन पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया।वोट डालने के बाद पोलिंग बूथ से बाहर आते ही उन्होंने मीडिया और समर्थकों के सामने अपनी उंगली पर लगी चुनावी स्याही का निशान दिखाया। अमृतसर में नगर कौंसिल मजीठा में मतदान केंद्रों पर व्हीलचेयर न होने की वजह से मतदान डालने के लिए दिव्यांग मतदाता परेशान होते।
जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है, राज्य में चुनावी माहौल भी गार्माता जा रहा है। लुधियाना के अंतर्गत आते रायकोट में सुबह वार्ड नंबर 4 से कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार जगदेव सिंह जग्गा पर कथित तौर पर किरपानों से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया।
आरोप है कि उन पर ये हमला आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार अमनदीप मान मांगट के समर्थकों ने किया। फिलहाल वह अस्पताल में उपचाराधीन हैं। वहीं, फरीदकोट के वार्ड नंबर 17 में आर्मी कैंट के जवानों को वोट डालने से रोकने के आरोप पर हंगामा हो गया। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस, अकाली दल और आम आदमी पार्टी पर आरोप लगाए। भाजपा नेताओं का कहना है कि 1000 के करीब जवानों की वोट बनी है और सभी यहां लंबे समय से रह रहे हैं। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने सभी समर्थकों को बाहर भेजकर मतदान दोबारा शुरू करवाया। इस दौरान धक्का-मुक्की भी हुई।
राज्य के आठ नगर निगम, 75 नगर कौंसिल और 20 नगर पंचायत सहित कुल 103 निकायों के 1896 वार्डों में मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। चुनाव को लेकर पूरे राज्य में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। जबकि पंजाब में अन्य जगह अभी माहौल शांत है। अधिकतर सभी बूथों पर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। इस बार चुनाव आयोग ने महिलाओं व पुरुषों के लिए अलग-अलग कतारें बनवाई हैं, वहीं सुरक्षा के मद्देनजर चुनावों की वीडियो रिकॉर्डिंग की जा रही है, जिसे एक साल के लिए सुरक्षित रखा जाएगा। अभी तक राज्य में चुनाव शांतिपूर्वक चल रहा है। जबकि बीती शाम बठिंडा, फतेहगढ़ साहिब व अबोहर में छुटपुट घटनाएं देखने को मिली।
चुनाव आयोग ने इस बार पिछली बार के मुकाबले अधिक मतदान प्रतिशत का लक्ष्य रखा है। दिसंबर 2024 में हुए निकाय चुनाव में करीब 61 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। राज्य चुनाव आयोग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार निकाय चुनाव में कुल 7555 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इनमें 1613 उम्मीदवार नगर निगम, 5142 नगर कौंसिल और 800 उम्मीदवार नगर पंचायत चुनाव लड़ रहे हैं। राजनीतिक दलों की बात करें तो सबसे अधिक 1801 उम्मीदवार आम आदमी पार्टी ने उतारे हैं। कांग्रेस के 1550, भारतीय जनता पार्टी के 1316 और शिरोमणि अकाली दल के 1251 उम्मीदवार मैदान में हैं। इसके अलावा बहुजन समाज पार्टी के 96 उम्मीदवार और 1528 निर्दलीय प्रत्याशी भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
संवेदनशील बूथों पर सुरक्षा कड़ी
चुनाव आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी की है। पूरे पंजाब में 740 मतदान केंद्रों को संवेदनशील और 274 को अतिसंवेदनशील घोषित किया गया है। चुनाव ड्यूटी के लिए 35 हजार कर्मचारियों को लगाया गया है, जबकि सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए 32 हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार इस बार मतदान केंद्रों के अंदर और बाहर वीडियोग्राफी अनिवार्य की गई है। चुनाव आयोग ने निर्देश दिए हैं कि रिकॉर्डिंग को एक वर्ष तक सुरक्षित रखा जाएगा। महिलाओं के लिए मतदान केंद्रों पर अलग लाइन की व्यवस्था भी की गई है।
विश्वविद्यालयों ने परीक्षाएं की स्थगित
भीषण गर्मी को देखते हुए चुनाव आयोग ने सभी बूथों पर पीने के पानी और अन्य आवश्यक सुविधाओं के इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। चुनाव आयुक्त के अनुसार शाम 5 बजे तक मतदान केंद्र पहुंचने वाले सभी मतदाताओं को वोट डालने का अवसर दिया जाएगा। चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए 23 आईएएस और पीसीएस अधिकारियों को आब्जर्वर नियुक्त किया गया है। इसके अलावा छह वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को विशेष ड्यूटी पर लगाया गया है। आईपीएस अधिकारी प्रवीण सिन्हा को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
निकाय चुनाव के चलते राज्य की कई यूनिवर्सिटियों ने भी अपनी परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी, पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ और अन्य संस्थानों ने 26 मई की प्रस्तावित परीक्षाएं आगे बढ़ा दी हैं। पूरे पंजाब में आज का दिन राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।



