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बिहार की 12 सैटेलाइट टाउनशिप के लिए जमीन बेचने की आवेदन प्रक्रिया शुरू

पटना
बिहार में सैटेलाइट टाउनशिप की जमीन बेचने के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। फिलहाल ऑफलाइन आवेदन लिए जा रहे हैं। आगामी दिनों में ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी मिलेगी। इसके लिए एक ऑनलाइन पोर्टल बनाया जा रहा है। टाउनशिप के लिए चिह्नित क्षेत्रों में रहने वाले इच्छुक लोगों को आवेदन के लिए अब पटना आने की जरूरत नहीं है। आवास बोर्ड ने लोगों को अपने क्षेत्रीय कार्यालय में ही आवेदन की सहूलियत दे दी है। पहले बिहार राज्य आवास बोर्ड के मुख्यालय में ही आवेदन करने की बात कही गई थी, जिससे लोगों को परेशानी हो रही थी। क्षेत्रीय कार्यालय में आवदेन आवास बोर्ड के एमडी के नाम से ही देना होगा।

इस सुविधा के बाद पटना से दूर के जिलों के लोगों को बड़ी राहत मिली है। दूरी के कारण ही अभी तक 5 टाउनशिप से कोई आवेदन नहीं आया है। इसके अलावा ऑनलाइन आवेदन की सुविधा के लिए पोर्टल विकसित किया जा रहा है। आवास बोर्ड ने बेल्ट्रॉन से इसके लिए मदद मांगी है। पोर्टल विकसित होने के बाद ऑनलाइन की सुविधा भी शुरू होगी। रैयत घर बैठे ही जमीन बेचने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।

बिहार में बनने जा रही 12 सैटेलाइट टाउनशिप
राज्य में 9 प्रमंडलीय मुख्यालयों समेत 12 प्रमुख शहरों के आसपास नई सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना है। इसके लिए नगर विकास एवं आवास विभाग ने पूरी योजना बनाई है। पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, गयाजी, मुंगेर, दरभंगा, पूर्णिया, सहरसा, सीतामढ़ी, छपरा, सोनपुर और डेहरी (रोहतास) में नए शहर बनाए जाएंगे। इनमें सभी तरह की आधुनिक नगरीय सुविधाएं विकसित की जाएंगी। रोजगार और उद्योग को बढ़ावा देने के यहां विशेष क्षेत्र होंगे। सभी टाउनशिप को मुख्य हाईवे, एक्सप्रेसवे, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट आदि से सीधे तौर पर जोड़ा जाएगा।

विभाग ने सैटेलाइट टाउनशिप के लिए क्षेत्र चिह्नित पहले ही कर लिए हैं। इन क्षेत्रों में जिन किसानों एवं अन्य लोगों की जमीनें मौजूद हैं, उन्हें दो तरह के विकल्प दिए गए हैं। पहले विकल्प में लोग टाउनशिप निर्माण करने वाली एजेंसी को निर्धारित अवधि के लिए लीज पर दे देंगे। उन्हें टाउनशिप में हिस्सेदारी भी मिलेगी।

दूसरा विकल्प यह है कि जो लोग टाउनशिप में हिस्सेदारी नहीं चाहते हैं, वे सरकार को जमीन बेच दें और उसका मुआवजा उन्हें मिल जाएगा। जो लोग जमीन बेचना चाहते हैं उनसे आवेदन लिए जा रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा लगातार स्पष्ट किया जा रहा है कि किसी भी जमीन मालिक का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।

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