
पंजाब कांग्रेस में बढ़ा सियासी संकट, राहुल गांधी ने दोबारा मांगी रिपोर्ट; 15 अगस्त के बाद बड़ा फैसला संभव
अमृतसर
पंजाब कांग्रेस में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के बीच चल रहा विवाद पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के लिए बड़ी चिंता का कारण बनता जा रहा है। प्रदेश में लगातार हो रही नारेबाजी, पोस्टरवार और पार्टी कार्यक्रमों में कार्यकर्ताओं के आपस में भिड़ने की घटनाओं के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट मांगी है।
सूत्रों के अनुसार, हाईकमान ने एक विशेष टीम को पंजाब कांग्रेस के मौजूदा हालात पर लगातार नजर रखने और उसका विश्लेषण कर रिपोर्ट राहुल गांधी के कार्यालय को सौंपने की जिम्मेदारी दी है। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, हाईकमान यह जानना चाहता है कि प्रदेश में चल रहा विवाद केवल नेताओं के बीच मतभेद तक सीमित है या इसका असर संगठन के जमीनी ढांचे और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर भी पड़ रहा है।
उधर पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद चरणजीत सिंह चन्नी दिल्ली में कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल से मिलने उनके आवास पहुंचे। बैठक में चन्नी ने पंजाब कांग्रेस में चल रहे विवाद पर अपना पक्ष रखा। सूत्रों के अनुसार, चन्नी ने आरोप लगाते हुए वेणुगोपाल को बताया कि उन्हें बदनाम करने के लिए उनके खिलाफ ऐसा माहौल बनाया जा रहा है कि वे पार्टी में गुटबाजी को बढ़ावा दे रहे हों। उन्होंने कहा कि वड़िंग खुद अपने लोगों से उनके जिंदाबाद के नारे लगवा रहे हैं और वे ही पोस्टरवार को बढ़ावा दे रहे हैं। इसमें उनका कोई हाथ नहीं है।
बघेल-वड़िंग की सभाओं में नारेबाजी से बढ़ी चिंता
पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल इन दिनों 'हर बूथ-कांग्रेस मजबूत' अभियान के तहत विभिन्न जिलों का दौरा कर रहे हैं। यह अभियान आठ अगस्त तक चलना है। इन कार्यक्रमों में बघेल के साथ राजा वड़िंग भी मौजूद रह रहे हैं। कई स्थानों पर चन्नी के समर्थन में 'चन्नी जिंदाबाद' के नारे लगाए गए। बरनाला में स्थिति और बिगड़ गई थी, जहां पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच विवाद के दौरान कुर्सियां तक चलने की घटना सामने आई थी। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं से हाईकमान चिंतित है। पंजाब कांग्रेस में बगावत की दो रिपोर्ट (बघेल व वेणुगोपाल की) पहले ही हाईकमान के पास पड़ी हैं।
15 अगस्त के बाद बड़ा फैसला संभव
कांग्रेस हाईकमान फिलहाल पंजाब के घटनाक्रम पर सीधे नजर रख रहा है। सूत्रों के अनुसार 15 अगस्त के बाद पंजाब कांग्रेस के विवाद पर शीर्ष नेतृत्व स्तर पर फिर मंथन हो सकता है। पार्टी नेतृत्व के सामने सबसे बड़ी चुनौती चन्नी समर्थक नेताओं की नाराजगी दूर करने के साथ वड़िंग के नेतृत्व को लेकर उठ रहे सवालों का समाधान करना है। ऐसे में 15 अगस्त के बाद संगठन में बदलाव या विवाद को खत्म करने के लिए किसी बड़े राजनीतिक फार्मूले की घोषणा की संभावना से इन्कार नहीं किया जा रहा।




