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सफेद डोसा खाकर हो गए हैं बोर? घर पर बनाएं ब्लैक डोसा, जानें आसान रेसिपी

 शायद ही कोई हो जो डोसा खाना पसंद ना करता हो. दाल और चावल से बनने वाली ये साउथ इंडियन डिश खाने में बेहद स्वादिष्ट और हल्की होती है. इसे सांभर और चटनी के साथ सर्व किया जाता है. लोग ना केवल इसे नाश्ते में, बल्कि लंच और डिनर में भी खूब चाव से खाते हैं. यहां तक की अब लोगों ने घर पर ही डोसा बनाना शुरू कर दिया है. अगर आप भी डोसा खाना पसंद करते हैं, तो आपने भी सफेद डोसा ही खाया होगा. क्या आपने कभी ब्लैक डोसा खाया है? चौंकिए नहीं, डोसा ब्लैक भी होता है.

अगर आप भी नॉर्मल डोसा बनाकर बोर हो चुके हैं और कुछ नया ट्राई करना चाहते हैं, तो ब्लैक डोसा आपके लिए बेहतरीन ऑप्शन हो सकता है. ये दिखने में बेहद अलग और आकर्षक लगता है, इसलिए बच्चों से लेकर बड़े तक इसे देखकर हैरान रह जाते हैं. खास बात ये है कि इसका काला रंग किसी फूड कलर से नहीं, बल्कि एक्टिवेटेड चारकोल से आता है. अगर आपके घर मेहमान आने वाले हैं या वीकेंड पर कुछ हटकर बनाना चाहते हैं, तो ये रेसिपी जरूर ट्राई करें.

ब्लैक डोसा बनाने के लिए इंग्रेडिएंट्स
    1½ कप चावल
    ½ कप उड़द दाल
    ½ छोटा चम्मच मेथी दाना
    1 छोटा चम्मच एक्टिवेटेड चारकोल
    जरूरत अनुसार पानी
    स्टफिंग के लिए भुने आलू

ब्लैक डोसा बनाने का आसान तरीके
1. सबसे पहले चावल, उड़द दाल और मेथी दाना को अच्छी तरह धोकर 4 से 5 घंटे के लिए पानी में भिगो दें.

2. भीगे हुए सभी इंग्रेडिएंट्स को पानी की मदद से पीसकर स्मूद बैटर तैयार कर लें. अब इसे ढककर पूरी रात या 8 से 10 घंटे के लिए फर्मेंट होने के लिए रख दें.

3. फर्मेंट किए गए बैटर में से करीब 2 कप बैटर अलग निकालें. इसमें 1 छोटा चम्मच एक्टिवेटेड चारकोल डालें और अच्छी तरह मिलाएं, ताकि बैटर का रंग पूरी तरह काला हो जाए.

4. अब तवा गर्म करें और हल्के से तेल या बटर से ग्रीस कर लें. तैयार ब्लैक बैटर को तवे पर गोलाई में फैलाएं. मीडियम आंच पर दोनों तरफ से कुरकुरा और सुनहरा होने तक सेंक लें.

5. इसमें आप आलू वाला चटपटा मसाला भी भर सकते हैं. तैयार ब्लैक डोसा को नारियल की चटनी, सांभर या अपनी पसंद की किसी भी चटनी के साथ गरमागरम परोसें.

ब्लैक डोसा बनाते समय रखें ये बातें
    बैटर अच्छी तरह फर्मेंट होगा, तभी डोसा कुरकुरा बनेगा.
    एक्टिवेटेड चारकोल हमेशा फूड ग्रेड वाला ही इस्तेमाल करें.
    चारकोल की मात्रा ज्यादा न डालें, इससे स्वाद पर असर हो सकता है.
    तवा सही टेंपरेचर पर होगा तो डोसा आसानी से फैलेगा और चिपकेगा नहीं.

 

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