
पंजाब में महिला कर्मचारियों को बड़ी राहत, चाइल्ड केयर लीव से हटी 18 साल की सीमा
चंडीगढ़.
पंजाब सरकार ने सरकारी महिला कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए 100 प्रतिशत दिव्यांग बच्चों की देखभाल के लिए मिलने वाली चाइल्ड केयर लीव के नियमों में बदलाव किया है। अब ऐसे बच्चों के 18 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद भी महिला कर्मचारी चाइल्ड केयर लीव ले सकेंगी।
सरकार ने इस श्रेणी के मामलों में बच्चे की उम्र की अधिकतम सीमा की शर्त हटा दी है। कार्मिक विभाग की ओर से 11 अगस्त को जारी निर्देशों में कहा गया है कि 100 प्रतिशत दिव्यांग बच्चों की देखभाल के लिए चाइल्ड केयर लीव देने में 18 वर्ष की उम्र की पाबंदी लागू नहीं होगी। यह सुविधा निर्धारित चार प्रकार की दिव्यांगता वाले बच्चों के लिए होगी।
चार श्रेणियों के लिए बदले नियम
पंजाब सरकार ने चार श्रेणियों के लिए ये नियम बदले हैं। साथ ही स्पष्ट किया है कि यह बदलाव 100 प्रतिशत दिव्यांगता वाले बच्चों के मामलों में लागू होगा। ये चार श्रेणियां:
- सेरेब्रल पाल्सी
- आटिज्म
- इंटेलेक्चुअल डिसेबिलिटी
- मल्टीपल डिसेबिलिटीज
2011 के निर्देशों में किया संशोधन –
पंजाब सरकार ने 22 दिसंबर 2011 को जारी चाइल्ड केयर लीव संबंधी निर्देशों में संशोधन किया है। पहले चाइल्ड केयर लीव के लिए बच्चे की उम्र 18 वर्ष तक होने की शर्त लागू थी। अब 100 प्रतिशत दिव्यांग बच्चों के मामले में यह सीमा हटा दी गई है। सरकार की ओर से यह बदलाव ऐसे बच्चों की विशेष देखभाल की जरूरत को ध्यान में रखते हुए किया गया है। गंभीर दिव्यांगता वाले बच्चों को लंबे समय तक अभिभावक की देखभाल की आवश्यकता हो सकती है। ऐसे में 18 वर्ष की उम्र पूरी होने के बाद चाइल्ड केयर लीव की सुविधा खत्म होने से महिला कर्मचारियों को परेशानी होती थी।
सभी विभागों को दिए निर्देश
कार्मिक विभाग ने पंजाब सरकार के सभी प्रशासनिक सचिवों, पंजाब एवं चंडीगढ़ के संबंधित अधिकारियों और विभागों को संशोधित प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने कहा है कि नए प्रावधानों के अनुसार पात्र महिला कर्मचारियों को चाइल्ड केयर लीव की सुविधा दी जाए।




