
समस्तीपुर के किसानों को चना और मटर के बीज पर मिलेगा 6 हजार रुपये प्रति क्विंटल तक अनुदान
समस्तीपुर.
जिले में हरा चना, मटर एवं हरा मटर के उत्पादन को बढ़ावा देना है, ताकि बाजार की मांग के अनुसार उपलब्ध हो सके। इससे किसानों को अधिक से अधिक लाभ प्राप्त होने के साथ ही आमदनी में भी वृद्धि होगी।
रबी मौसम में हरा चना, हरा मटर और साधारण मटर के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कृषि विभाग ने लक्ष्य निर्धारित किया है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना 2026-27 के तहत किसानों की आमदनी बढ़ाने के साथ बाजार में हरी दलहनी फसलों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।
बीज का वितरण 15 नवंबर तक
योजना के तहत अनुदानित बीज का वितरण 15 नवंबर तक ही किया जाएगा। जिले में 150 एकड़ में हरा चना का प्रत्यक्षण कराया जाएगा। इसके लिए प्रति एकड़ चार हजार रुपये की दर से छह लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं, 895 क्विंटल चना बीज वितरण का लक्ष्य है। इससे करीब 2,797 एकड़ में बुआई हो सकेगी। बीज वितरण के लिए 35.80 लाख रुपये का अनुदान निर्धारित किया गया है। हरा मटर के 164 क्विंटल बीज के लिए 9.84 लाख रुपये और साधारण मटर के 149 क्विंटल बीज के लिए 8.94 लाख रुपये का अनुदान स्वीकृत किया गया है। जिला कृषि पदाधिकारी डा. सुमित सौरभ ने बताया कि योजना के तहत रबी में हरा चना, मटर एवं हरा मटर प्रोत्साहन कार्यक्रम को स्वीकृति मिली है।
लागत का 50 प्रतिशत तक मिलेगा अनुदान
चना बीज पर चार हजार रुपये प्रति क्विंटल अथवा लागत का 50 प्रतिशत, जो भी कम हो, सहायता दी जाएगी। एक एकड़ में 32 किलोग्राम चना बीज की अनुशंसित मात्रा है। मटर और हरा मटर बीज के लिए छह हजार रुपये प्रति क्विंटल अथवा लागत का 50 प्रतिशत, जो भी कम हो, सहायता निर्धारित है। मटर की बीज मात्रा 40 किलोग्राम और हरा मटर की 32 किलोग्राम प्रति एकड़ रहेगी।
पंजीकृत दुकानों से होगा बीज वितरण
बीज व अन्य उपादानों का वितरण बिहार राज्य बीज निगम के माध्यम से पंजीकृत विक्रेताओं द्वारा किया जाएगा। विक्रेताओं को दुकानों पर बीज के प्रभेद, वास्तविक मूल्य और अनुदानित दर की जानकारी प्रमुखता से प्रदर्शित करनी होगी, ताकि किसानों को कीमत और अनुदान की स्पष्ट जानकारी मिल सके।
कृषि मैपर एप से होगी निगरानी
योजना के तहत प्रत्यक्षण वाले भूखंडों की जियो-टैग्ड तस्वीरें कृषि मैपर एप पर अपलोड की जाएंगी। इससे प्रत्यक्षण कार्य की निगरानी और योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। विभाग का मानना है कि हरा चना, मटर और हरा मटर का उत्पादन बढ़ने से बाजार की मांग पूरी होगी और किसानों को बेहतर आमदनी का अवसर मिलेगा।



