
डिजिटल क्राप सर्वे की जमीनी हकीकत जांचेगी सरकार, अधिकारी गांवों में जाकर देखेंगे डेमो
रोहतक
राजस्व विभाग के नए पोर्टल में तकनीकी दिक्कतों और डिजिटल क्राप सर्वे (डीसीएस) की कथित खामियों को लेकर चल रहे पटवारियों और कानूनगो के आंदोलन के बीच सरकार ने मौके पर जाकर स्थिति की जांच कराने का निर्णय लिया है।
गुरुवार को चंडीगढ़ में राजस्व अधिकारियों और रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक में तय किया गया कि वरिष्ठ राजस्व अधिकारी स्वयं गांव में जाकर डिजिटल क्राप सर्वे का डेमो देखेंगे और इसकी व्यवहारिकता की जांच करेंगे।
जांच के दौरान किसी तरह की तकनीकी या व्यावहारिक समस्या सामने आने पर मामला केंद्र सरकार के समक्ष उठाया जाएगा। एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष जयवीर चहल ने बताया कि अधिकारियों को कम से कम एक गांव का दौरा कर संबंधित कर्मचारियों के साथ खेतों में डिजिटल क्राप सर्वे की प्रक्रिया देखने और अपनी रिपोर्ट देने को कहा गया है।
गुरुग्राम में डीएलआर यशपाल यादव स्वयं पटवारियों के साथ खेतों में जाकर डीसीएस की जांच करेंगे। अधिकारियों की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि डिजिटल क्राप सर्वे को मौजूदा व्यवस्था के तहत किस तरह लागू किया जा सकता है। चहल ने कहा कि अभी रक्षाबंधन सहित तीन दिन का अवकाश है।
ऐसे में अधिकारियों की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जाएगा और उसके बाद एसोसिएशन अपनी आगामी रणनीति तय करेगी। इससे पहले एसोसिएशन ने डिजिटल क्राप सर्वे की प्रक्रिया को लेकर कई व्यावहारिक समस्याएं उठाई हैं।
रोहतक तहसील में जारी रहा सांकेतिक धरना
नए राजस्व पोर्टल में तकनीकी समस्याओं और डिजिटल क्राप सर्वे की खामियों के विरोध में रोहतक तहसील में पटवारियों और कानूनगो का सांकेतिक धरना गुरुवार को भी जारी रहा। धरने पर बैठे कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग की।
आंदोलन के कारण डोमिसाइल, इंतकाल और गिरदावरी सहित कई राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित रहे। तहसील में अपने काम के लिए पहुंचे लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। जयवीर चहल ने कहा कि नए पोर्टल पर जमाबंदी और इंतकाल से जुड़े रिकार्ड में लगातार तकनीकी दिक्कतें सामने आ रही हैं।
इन समस्याओं के बारे में करीब चार माह से अधिकारियों और संबंधित तकनीकी टीम को अवगत कराया जा रहा है, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं हुआ है। उनका कहना है कि तकनीकी खामियों का असर केवल कर्मचारियों के काम पर नहीं, बल्कि सीधे आम लोगों के राजस्व संबंधी कार्यों पर पड़ रहा है।
पोर्टल की खामियां दूर करने की मांग
एसोसिएशन ने नए पोर्टल की सभी तकनीकी समस्याओं का स्थायी समाधान करने की मांग की है। इसके अलावा आटो म्यूटेशन में गलती होने की स्थिति में विभाग की जिम्मेदारी तय करने, ऑनलाइन कार्य को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए पटवारियों को कंप्यूटर और टैब उपलब्ध करवाने तथा नए पोर्टल को कानूनी मान्यता देने के लिए संशोधित लैंड रिकार्ड मैनुअल जारी करने की मांग भी उठाई गई है।
चहल ने कहा कि अब अधिकारियों के मौके पर जाकर डिजिटल क्राप सर्वे की वास्तविक स्थिति देखने से तस्वीर स्पष्ट होगी। जांच में सामने आने वाली कमियों और अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर ही आंदोलन को आगे बढ़ाने या सरकार के साथ बातचीत की दिशा तय की जाएगी।



