
वर्ष 2026 में अब तक 6,000 से अधिक नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गयाः राजीव कृष्ण
साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई में एक साल में 635 करोड़ रुपये सीज, सड़क दुर्घटनाओं में 9% और मौतों में 10% की कमी: डीजीपी
लखनऊ
पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति को केंद्र में रखकर पुलिस की कार्यप्रणाली बेहतर बनाने के लिए 10 प्राथमिकताएं निर्धारित की गई थीं। इनमें से कई प्राथमिकताओं को सफलतापूर्वक धरातल पर उतारा जा चुका है। गैंगस्टर और माफिया के खिलाफ कार्रवाई के साथ छोटे अपराधों पर भी प्रभावी अंकुश लगाने के प्रयास किए गए हैं, जिससे ऐसे अपराधों में उल्लेखनीय कमी आई है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस आईजीओटी कर्मयोगी पोर्टल पर एक करोड़ पाठ्यक्रम पूरे करने वाला देश का पहला विभाग बन गया है। डीजीपी ने बताया कि पिछले एक वर्ष में साइबर अपराध से संबंधित मामलों में विभिन्न बैंकों में 635 करोड़ रुपये की धनराशि सीज कराई गई। इससे हजारों लोगों की धनराशि सुरक्षित करने में मदद मिली है। मुख्यमंत्री योगी के निर्देशों के अनुरूप सुगम यातायात और सड़क सुरक्षा के लिए जीरो फैटेलिटी डिस्ट्रिक्ट (ZFD) तथा अन्य अभियान संचालित किए जा रहे हैं। वर्ष 2025 की पहली छमाही की तुलना में वर्ष 2026 की पहली छमाही में सड़क दुर्घटनाओं में नौ प्रतिशत और उनसे होने वाली मौतों में 10 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। इन प्रयासों से 1,000 से अधिक लोगों का जीवन बचाने में मदद मिली है।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस नशा तस्करों की गिरफ्तारी तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उनके नेटवर्क, अवैध कमाई और तस्करी में इस्तेमाल होने वाले साधनों पर भी कार्रवाई कर रही है। वर्ष 2026 में अब तक इस अभियान के तहत 6,000 से अधिक तस्करों को गिरफ्तार किया गया है तथा 36,000 किलोग्राम से अधिक मादक पदार्थ बरामद किए गए हैं। इसके अतिरिक्त 26 कार्टेल ध्वस्त किए गए हैं।




