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प्रदेश में बनाए जाएंगे सांदीपनि स्कूलों के 400 नए भवन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

स्कूल शिक्षा विभाग के 954 कर्मचारियों को मिली अनुकम्पा नियुक्ति
स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए अधिकारी हुए सम्मानित
रवींद्र भवन में हुआ राज्य स्तरीय कार्यक्रम

भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज स्कूल शिक्षा विभाग के 954 अनुकम्पा नियुक्ति प्राप्त करने वाले कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए हैं। अनुकंपा नियुक्ति के जो 300 प्रकरण शेष हैं, उनका निराकरण भी इसी वर्ष किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतीक स्वरूप 11 कर्मचारियों को अनुकम्पा नियुक्ति पत्र प्रदान किए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की यह संवेदनशील पहल, पात्र परिवारों को शासकीय सेवा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 369 सांदीपनि विद्यालय संचालित हैं। राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत 200 नए सांदीपनि विद्यालयों के भवन स्कूल शिक्षा और 200 नए सांदीपनि स्कूलों के भवन जनजातीय कल्याण विभाग द्वारा बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रवीन्द्र भवन में बुधवार को स्कूल शिक्षा विभाग के अनुकम्पा नियुक्ति आदेश वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम का आरंभ वंदे मातरम् के गान से हुआ। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने पौधा भेंट कर स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहे अधिकारियों को सम्मानित भी किया।

व्यवस्थाओं और भावनाओं का तालमेल करते हुए करें अपने कर्तव्यों का निर्वहन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासकीय नौकरी करते हुए किसी का असमय दुनिया से चले जाना, परिवार के लिए कष्टकारी होता है। परिवार के सदस्य की कमी के साथ आर्थिक संसाधन भी बाधित हो जाते हैं। यह एक प्रकार से परिवार के ऊपर दु:खों के पहाड़ टूटने जैसा है। मुश्किल हालात से गुजर रहे ऐसे परिवार, राज्य सरकार के परिवार के हिस्से की तरह है। उन्होंने कहा कि अधिकारी-कर्मचारियों को उत्कृष्ट कार्य के लिए पुरस्कृत करना सभी के लिए प्रेरणा पुंज की तरह काम करेगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि "यही समय है, सही समय है" इस वाक्य से प्रेरणा लेकर व्यवस्थाओं और भावनाओं का तालमेल करते हुए अपने कर्तव्यों का सही तरीके से निर्वहन करें।

अनुकम्पा नियुक्ति प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के लिए स्कूल शिक्षा विभाग की हुई सराहना
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जो दुनिया से चले गए, उसका सभी को दु:ख है, लेकिन स्कूल शिक्षा विभाग ने अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरणों का शीघ्रता से निराकरण कर सराहनीय कार्य किया है। स्कूल शिक्षा विभाग की यह पहल अन्य विभागों के लिए अनुकरणीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि परिवार में आर्थिक रूप से सुख संपन्नता हो, तभी आनंद से त्यौहार मनता है। राज्य सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता को समय-सीमा में पूर्ण करने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि आज जिन्हें नियुक्ति दी गई है, उनमें 661 सहायक ग्रेड-3, 31 प्राथमिक शिक्षक और 262 चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी हैं। स्कूल शिक्षा विभाग, वरिष्ठ अधिकारी से लेकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों तक बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए समर्पित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि अनुकम्पा नियुक्ति प्राप्त करने वाले सभी कर्मचारी अपने कर्तव्यों को पूरी जिम्मेदारी से निभाएंगे।

38 हजार करोड़ रूपए हुआ स्कूल शिक्षा विभाग का बजट
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में शासकीय सांदीपनि विद्यालय क्रांतिकारी परिवर्तन लेकर आए हैं। प्रदेश में वर्ष 2002-03 तक स्कूल शिक्षा का बजट लगभग 400 करोड़ रूपए था, लेकिन आज राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के परिणामस्वरूप यह बजट 38 हजार करोड़ रूपए तक पहुंचा है। स्कूलों में अधोसंरचनात्मक विकास के साथ, आधुनिक लैब, खेल गतिविधियां सहित उच्च गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

हर वर्ष पदोन्नति के लिए होगी डीपीसी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अनुकम्पा नियुक्ति प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी भी भविष्य में निकलने वाली शासकीय भर्तियों में शामिल हो सकते हैं। राज्य सरकार ने अब तक 85 हजार से अधिक शासकीय पदों पर युवाओं को नौकरी प्रदान की है। इनमें 15 हजार पद स्कूल शिक्षा के थे, अब 20 हजार पदों पर भर्ती शुरू होने वाली है। प्रदेश में 1 लाख से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ दिया गया, इससे विभागों में पद रिक्त हुए, जिन्हें भरने की प्रक्रिया जारी है। कर्मचारियों की पदोन्नति के लिए हर वर्ष डीपीसी भी निरंतर होगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्कूल से पढ़ाई कर निकलने वाले बच्चों को नीट की तैयारी के लिए सहायता प्रदान की जा रही है। प्रदेश सरकार ने मेधावी विद्यार्थियों को 1 लाख 35 हजार से अधिक लैपटॉप वितरित किए हैं। बोर्ड परीक्षाओं में स्कूल टॉपर बच्चों को स्कूटी की सौगात भी मिली है। कई बच्चों ने लैपटॉप और स्कूटी दोनों के पुरस्कार प्राप्त किए हैं।

 

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