
पीयूष गोयल बोले- विदेशों में भारतीयों की अलग पहचान, शांतिप्रिय समुदाय के रूप में होता है स्वागत
नई दिल्ली
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारतीय शांतिप्रिय होते हैं और सड़कों पर उतरकर समाज में अशांति नहीं फैलाते। उन्होंने कहा कि विदेशों में रहने वाले भारतीय परिवार के साथ रहते हैं और उनकी देखभाल करते हैं। गोयल ने यह बात सोमवार को जर्मनी की राजधानी बर्लिन में भारतीय समुदाय के लोगों से बातचीत के दौरान कही। उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब फ्रांस, इटली समेत यूरोप के कई देशों में सरकारों के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। भारत में भी चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का दौर जारी है।
पीयूष गोयल ने कहा कि किसी दूसरे देश में रहने वाले समुदाय का सम्मान इस बात से भी तय होता है कि वहां के लोग उसे किस नजर से देखते हैं। भारतीय समुदाय को दूसरे देशों में काफी पसंद किया जाता है और उसका स्वागत किया जाता है। गोयल ने कहा कि दूसरे देशों के लोग जानते हैं कि भारतीय तोड़फोड़ में शामिल नहीं होते और सड़कों पर उतरकर समाज के लिए परेशानी पैदा नहीं करते। उन्होंने यूरोप के कुछ हिस्सों में जारी प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय समुदाय शांतिप्रिय है। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि कुछ अपवाद हो सकते हैं, जो उनके नियंत्रण से बाहर हैं।
भारतीय समुदाय के बारे में क्या बोले पीयूष गोयल
बीजेपी नेता ने विदेशों में रहने वाले भारतीयों से भारत के बच्चों के लिए नए अवसर तैयार करने में मदद करने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि भारतीय समुदाय के लोग बच्चों को मेंटरशिप, डिजिटल ट्रेनिंग और करियर से जुड़ी सलाह देकर उनकी मदद कर सकते हैं। इससे भारत में बच्चों को आगे बढ़ने और अपने करियर के लिए बेहतर रास्ते चुनने के अवसर मिल सकते हैं। गोयल 22 से 24 अक्टूबर तक जर्मनी के आधिकारिक दौरे पर थे। इस यात्रा का मकसद भारत और जर्मनी के बीच व्यापार, निवेश और औद्योगिक सहयोग को मजबूत करना था।
यूरोप में आजकल क्यों मचा है इतना हंगामा
यूरोप में इन दिनों महंगाई, वेतन और सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े मुद्दों पर प्रदर्शन हो रहे हैं। फ्रांस में छात्र और युवा बढ़ती जीवन लागत, वेतन और सरकारी सेवाओं की स्थिति को लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं। फ्रांस में प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा के लिए 70 हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। इस दौरान 1,314 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि झड़पों में करीब 50 पुलिसकर्मी घायल हुए। सरकार के खिलाफ रैलियों में करीब 4 लाख 10 हजार लोगों ने हिस्सा लिया। इन प्रदर्शनों ने सरकार के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती खड़ी कर दी है। अलग-अलग जगहों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की खबरें भी सामने आई हैं।




