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लाखों की लागत से बने पुल सह स्टाफडेम का एक हिस्सा ढहा, दर्जनों गांवों का आवागमन बन्द

लाखों की लागत से बने पुल सह स्टाफडेम का एक हिस्सा ढहा, दर्जनों गांवों का आवागमन बन्द
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सूरजपुर । एएनएन (Action News Network)

जिला मुख्यालय से करीब 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम करंजी – सोहागपुर मार्ग के ढपना नाले पर बना पुल सह स्टॉपडेम बरसात की शुरुआत में ही डाउन स्ट्रीम प्लेटफॉर्म का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर बह गया है।

साथ ही पुलिया के एप्रोच मार्ग के बीच का बड़ा हिस्सा धसक गया है। इसकी वजह से इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। लगातार रुक रुक कर हो रही बारिश से पुल के बीचो-बीच में गड्ढा हो गया है।

बताते चलें कि करीब 12 वर्ष पहले 2008 में जल संसाधन विभाग द्वारा करंजी-सोहागपुर मार्ग में ढपना नाले में करीब 35 लाख रुपये लागत से स्टाॅफ डेम सह पुलिया निर्माण का कार्य कराया गया था।

पुलिया की लंबाई 90 फीट और चौड़ाई 25 फीट है। स्टॉप डैम सह पुलिया का लोकार्पण 28 सितंबर 2008 को तत्कालीन संसदीय सचिव रामसेवक पैकरा द्वारा किया गया था। इस पुलिया से दर्जनों ग्रामों के सैकड़ों लोगों की रोजाना आवाजाही लगी रहती है।

वहीं दूसरी तरफ 3 दिनों से लगातार हो रही बारिश के बीच शुक्रवार रात पुलिया की विंग वालों के किनारे एप्रोच मार्ग का बड़ा हिस्सा अचानक भरभरा कर धसक गया । इससे पुलिया के एक किनारे एप्रोच मार्ग का करीब 12 फीट लंबा और 10 फीट चौड़ा हिस्सा धंसक गया है।

वहीं एप्रोच मार्ग एक अन्य स्थान पर भी धंसकने लगा है। प्लेटफॉर्म के नीचे नीचे से तेज रफ्तार में पानी बहने से पुलिया का अस्तित्व भी संकट में आ गया है। पुलिया के पिलर के निचले हिस्से में बड़ी-बड़ी दरारें आने के साथ ही पिलर के ऊपर का हिस्सा भी क्षतिग्रस्त होने लगा है।

पुलिया सह स्टॉप डेम के क्षतिग्रस्त होने से ग्राम करंजी सहित झूमरपारा, खरसुरा, दतिमा, खोंपा, बरौल, धरतीपारा, भटगांव आदि दर्जनों ग्रामीणों की मुसीबत बढ़ती नजर आ रही है। दर्जनों ग्रामों के ग्रामीण उक्त पुलिया से शॉर्टकट होते हुए जिला मुख्यालय सूरजपुर आना जाना करते हैं। पुलिया से आवागमन बाधित होने से उन्हें लंबी दूरी तय कर बिश्रामपुर होते हुए जिला मुख्यालय सूरजपुर जाना पड़ेगा। वहीं वर्तमान स्थिति में पुलिया से आवागमन जानलेवा हो सकता है।

वहीं इस सम्बंध में क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य गीता सत्यनारायण जायसवाल ने कहा कि पुलिया सह स्टापडेम के क्षतिग्रस्त होने से जानलेवा हादसे की संभावना बढ़ गई है। स्टॉप डैम के डाउन स्ट्रीम प्लेटफार्म के क्षतिग्रस्त होने एवं एप्रोच मार्ग के धंसकने से कार्य की गुणवत्ता की पोल खुल गई है।

इस मामले की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। वहीं प्रशासन पुलिया का जीर्णोद्धार कराने की दिशा में त्वरित कार्रवाई करें, जिससे लोगों को आवागमन सुविधा तत्काल उपलब्ध हो सके। वहीं इस मामले पर कार्यपालन अभियंता जलसंसाधन विभाग एस.के मिंज ने कहा कि आपके द्वारा मामले की जानकारी मिली है। विभाग द्वारा कार्य करने के बाद उसे पंचायत को सुपुर्द कर दिया गया था, लेकिन मैं फिर भी तत्काल इसको देखता हूं।

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