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स्पीति में उगेगी ढिंगरी मशरूम

शिमला । एएनएन (Action News Network)

लाहौल स्पीति की स्थिति क्षेत्र में अब ढिंगरी मशरूम की खेती व्यापक स्तर पर की जाएगी। कृषि एवं जनजातीय प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ रामलाल मार्कंड़य सोमवार को एडीसी कार्यालय में विभिन्न विभागों के कार्य की समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि स्पीति में मटर की फसल काफी प्रचलित है। लेकिन अब ढिंगरी मशरूम की फसल को यहां पर विकसित करने के लिए कार्य तीव्र गति से चला हुआ है। इसी कड़ी में 50 किसानों को मशरूम की खेती करने के बारे में प्रशिक्षित किया गया है तथा उन्हें ढिंगरी मशरूम के स्पून तैयार करके हॉर्टिकल्चर विभाग ने वितरित कर दिया है।

उन्होंने कहा कि स्पीति में पर्यटन का बहुत बड़ा कारोबार है । ऐसे में यहां पर उगने वाली ढिंगरी मशरूम की खपत यह पर हो जाया करेगी । अभी तक चिचिम कलजग लादे प्रगतिशील किसान ढिंगरी मशरूम की खेती पिछले कुछ सालों से कर रहा है। उसके सारे प्रयोग सफल हुए हैं और सालाना 150 किलो से अधिक मशरूम की पैदावार कर रहा है। अपनी पूरी फसल को स्पीति के होटल होम स्टे में ही बेच देता है। स्पीति का तापमान मशरूम की पैदावार के के लिए उपयुक्त है ऐसे में स्पीति के हर गांव में मशरूम की खेती की जा सकती है ।
प्रशिक्षित किसान इस बार ढिंगरी मशरूम की खेती करेंगे।

मंत्री रामलाल मार्कंडेय ने बताया कि सभी किसानों को मुफ्त में ढिंगरी मशरूम की स्पून दी गई है।

बताते चलें कि ढिंगरी मशरूम खेती करने के लिए खेती के प्राप्त किसी अवशेषों का प्रयोग किया जा सकता है जैसे कि सूखा हो उसने फफूंद नहीं लगी होनी चाहिए। मटर, जौ और गेहूं के भूसे का प्रयोग किया जाता है। इसमें बहुत औषधीय गुण पाए जाते हैं। दवाई के लिए भेजता इस्तेमाल किया जा रहा है। ढिंगरी मशरूम में प्रोटीन होती है। इसके साथ ही कैल्शियम, पोटेशियम, सोडियम, फास्फोरस , आयरन आदि होते है। इसके सेवन से लेते केंसर प्रतिरोधी क्षमता, खून में कोलेस्ट्रॉल कम करने की क्षमता, ब्लड शुगर कम करने की क्षमता, आदि के लिए काफी चर्चित है।

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