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बेघर भटकते भूखे-प्यासों को एक वक्त की रोटी तक नहीं दे पा रहे सत्ताधारी : अखिलेश

बेघर भटकते भूखे-प्यासों को एक वक्त की रोटी तक नहीं दे पा रहे सत्ताधारी : अखिलेश
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लखनऊ । एएनएन (Action News Network)

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष एवं प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को लॉकडाउन में बेघरों, मजदूरों की समस्याओं का हवाला देते हुए एक के बाद एक कई ट्वीट किये। इसमें उन्होंने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने ट्वीट किया कि 2022 तक सबको घर देने का वादा करने वाले सत्ताधारी आज बेघर भटकते भूखे-प्यासे लोगों को एक वक्त की रोटी तक नहीं दे पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह रहा है, सड़कों पर उतरी जनता ने सर्वशक्तिमान होने का दंभ-भ्रम रखनेवाले एक-से-एक बड़ों को पैदल कर दिया है। अखिलेश यादव ने एक अन्य ट्वीट में जरूरमंदों की तकलीफ का हवाला देते कहा कि कितना मुश्किल होगा उसके आगे का सफर। जो मजबूर है सड़कों पर पैदा होने के लिए। कोई है जो सुन रहा है?

सपा अध्यक्ष ने नासिक से मजदूरों के साथ चली बुन्देलखण्ड के ललितपुर जनपद की रहने वाली महिला के वहां बालाबेहट में पेड़ के नीचे ही बेटी को जन्म देने की खबर का हवाला देते हुए सरकार पर तंज कसा। उन्होंने ट्वीट में कहा कि जिस प्रकार आत्म-प्रशंसा में मदमस्त सरकार अपने अति केंद्रित ढुलमुल फैसलों की वजह से व्यवस्था करने में असफल रही है, उसका खामियाजा जनता भुगत रही है। यदि सरकार रोजगार और खाने का ही प्रबंध कर दे तो कोरोना को सरकार नहीं, जनता हरा दे। सरकार एकाधिकारी न बने, देश में लोकतंत्र है।

उधर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज एक बैठक में वरिष्ठ अफसरों को स्पष्ट निर्देश दिये हैं कि किसी कामगार श्रमिक को अंतरराज्यीय अंतर्जनपदीय आवागमन में समस्या ना हो। कोई भी श्रमिक कामगार पैदल अथवा दुपहिया वाहन से ना चले। जो जहां हैं, वहीं से उन्हें गृह जनपद पहुंचाने की व्यवस्था अधिकारी करें। वहीं अपर मुख्य सचिव, अवनीश अवस्थी के मुताबिक प्रदेश में 939 सरकारी तथा 837 स्वैच्छिक सामुदायिक रसोई के माध्यम से 10,26,948 लोगों को भोजन पैकेट वितरित किए गए हैं। इसी तरह प्रदेश में निःशुल्क खाद्यान्न वितरण के द्वितीय चरण में प्रचलित कुल 3,52,22,073 राशन कार्डों के सापेक्ष मई माह में लगभग 3,17,58,774 कार्डों पर 7,32,322.86 मीट्रिक टन खाद्यान्न का निःशुल्क वितरण किया गया है। अभी तक निर्माण कार्यों से जुड़े श्रमिकों एवं नगरीय-ग्रामीण इलाकों के श्रमिक व निराश्रित 31.42 लाख व्यक्तियों को कुल 314.24 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।

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