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लॉक डाउन में वेतन काटने से नाराज सफाईकर्मियों ने किया काम बन्द, सफाई व्यवस्था प्रभावित

लॉक डाउन में वेतन काटने से नाराज सफाईकर्मियों ने किया काम बन्द, सफाई व्यवस्था प्रभावित
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ग्वालियर । एएनएन (Action News Network)

कोरोना महामारी के चलते बनी लॉकडाउन की स्थिति में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सभी संस्थाओं, कंपनियों और आमजन से अपने यहां काम करने वाले लोगों का वेतन नहीं काटने का आग्रह किया था। लेकिन इसके बावजूद शहर की सफाई व्यवस्था का जिम्मा संभाल रही ईको ग्रीन कंपनी का अमानवीय चेहरा सामने आया है । कोरोना जैसी महामारी में योद्धा बनकर काम में जुटे कर्मचारियों का वेतन कंपनी ने काट लिया है। जिससे नाराज सफाईकर्मी अन्य स्टाफ के साथ गुरुवार से हड़ताल पर चले गए हैं।

कोरोना संकट के बीच सफाई कर्मियों को कोरोना वारियर कहकर प्रधानमंत्री उनका हौसला बढ़ा रहे हैं और शहर के लोग उन पर पुष्प वर्षा कर रही है लेकिन इनकी नियुक्ति करने वाली ईको ग्रीन कंपनी की नजर में इनके काम का कोई मोल नहीं हैं। कंपनी ने सफाई कर्मियों सहित सपोर्टिंग स्टाफ की सेलरी काट ली जिससे नाराज होकर सभी लोग हड़ताल पर चले गए हैं। गुरुवार सुबह करीब 1000-1200 कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया।

उन्होंने बताया कि आज गुडी गुडा का नाका, बुद्धा पार्क, मेला ग्राउंड, आदर्श मिल और नारायण विहार सभी जगह हमारे सफाईकर्मी, ड्राइवर, हेल्पर, सुपरवाइजर और अन्य सपोर्टिंग स्टाफ ने काम बंद कर दिया है और जब तक हमारी मांग पूरी नहीं होती तब तक हड़ताल जारी रहेगी। हड़ताल कर रहे एक कर्मचारी रवि पवैया ने बताया कि इस महामारी में प्रधानमंत्री ने सेलरी नहीं काटने के निर्देश दिया है, फिर भी ईको ग्रीन कंपनी ने हमारा वेतन काट लिया है। कर्मचारियों का कहना है कि 11,000 रुपये की जगह कंपनी से 10,000 रुपये वेतन दिया। किसी कर्मचारी ने किसी कारणवश छुट्टी ली है तो उसका वेतन काट लिया गया है।

हड़ताली कर्मचारियों ने दावा किया कि कंपनी ने कहा था कि महामारी में आपको 34 दिन की सेलरी देंगे। आपको भी काम करना है लेकिन कंपनी अपने दावे से मुकर गई है। कर्मचारियों में इस बात की भी नाराजगी है कि वे इस महामारी में शहर की सफाई कर रहे हैं लेकिन उनके पास ना सेनेटाइजर है, ना वर्दी, ना मास्क है और ना कोई अन्य सुरक्षा उपकरण। हम अपनी जान जोखिम में डालकर सेवा कर रहे हैं लेकिन कंपनी मनमानी कर रही है। हड़ताल की सूचना पर ईको ग्रीन कंपनी के एच आर अनिल शर्मा कर्मचारियों से मिलने गए, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ।

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