राष्ट्रीय

दर्जी की आड़ में देशविरोधी साजिश! गुजरात में दबोचा गया UP का फैजान, जम्मू-कश्मीर को अलग करने का प्लान

अहमदाबाद
गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वॉवड (ATS) ने नवसारी पुलिस के साथ मिलकर एक बड़े आतंकी साजिश का पर्दाफाश किया है। सोमवार को पुलिस ने 22 साल के एक शख्स को गिरफ्तार किया जो आतंकी संगठनों से प्रेरित होकर जिहाद की राह पर निकल चुका था। वह ना सिर्फ कई लोगों की हत्याओं की साजिश रच चुका था, बल्कि भारत के खिलाफ जंग छोड़ने और जम्मू-कश्मीर को अलग कर देने तक का इरादा रखता था।
 
आरोपी की पहचान फैजान सलमानी के रूप में हुई है, जो नवसारी के जाराकवाड इलाके में अक्सा मस्जिद के पास रहता था। मूलरूप से उत्तर प्रदेश के रामपुर का रहने वाला वाला है। वह नवसारी में रहकर दर्जी का काम करता था। डिप्टी एसपी हर्ष उपाध्याय को सूचना मिली थी कि फैजान आतंक फैलाने के लिए उत्तर प्रदेश में कुछ लोगों की हत्या की साजिश रच रहा था। गोपनीय सूचना के बाद एटीएस के अधिकारियों ने आरोपी को दबोच लिया। शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी आतंकियों की विचारधारा से बहुत प्रेरित था और सशस्त्र संघर्ष के जरिए जम्मू-कश्मीर को भारत से अलग करने का सपना पाल रहा था।

जिहादी साजिशों से भरा फोन
जांच के दौरान फैजान का फोन भी जिहादी सामग्रियों से भरा हुआ मिली। वह जैश-ए-मोहम्मद और अलकायदा के समर्थन वाले वीडियो और अन्य दस्तावेज मिले हैं। उसके फोन में भारत के कई अहम ठिकानों, प्रतीक चिह्नों और नक्शों से छेड़छाड़ वाली तस्वीरें मिली हैं। वह कई ऐसे लोगों को धमकियां दे चुका था जिन पर पैगंबर के अपमान का आरोप है। वह 'मोहम्मद अबु बकर' नाम के एक शख्स के साथ भी चैट कर रहा था। वह अभी फरार बताया जा रहा है। इस चैट में जैश के प्रोपेगेंडा वीडियो, भड़काऊ भाषण और वीडियो मिले हैं। फैजान बकर के साथ कई महीनों से संपर्क में था।

क्या-क्या इरादे रखता था फैजान
पूछताछ के दौरान फैजान ने कबूल किया कि उसने छह महीने पहले यूपी से एक पिस्टल और छह कारतूस खरीदे थे। उसने कहा यह हथियार उसने उन लोगों की हत्याओं के लिए खरीदा था जिनकी तस्वीरें और फोटोग्राफ जिहादी ग्रुपों में शेयर किए गए थे। एटीएस अधिकारियं ने बताया कि शुरुआती जानकारी के मुताबिक फैजान अपने हैडलर्स के साथ मिलकर भारत के खिलाफ जंग छेड़ने, हिंसा भड़काने और युवाओं को जिहाद के लिए उकसाने में शामिल था। फैजान के खिलाफ यूएपीए, बीएनएस और आर्म्स ऐक्ट के तहत केस दर्ज किए गए हैं।

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